ऑपरेशन सील के तहत पठानकोट में पुलिस ने की जांच

नई दिल्ली (राघवेंद्र प्रताप सिंह) : पठानकोट के कंडी क्षेत्र धारकलां में ऑपरेशन सील के तहत पुलिस प्रशासन ने गहन चैकिंग अभियान चला संदिग्ध लोगों की जांच पड़ताल की है। ऐसे में थाना धारकलां पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए धारकलां में आपरेशन सील चलाया जा रहा है।
क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों के साथ पैदल चलने वाले संदिग्ध लोगों की भी जांच की जा रही है क्योंकि कुछ दिन पहले आतंकी संगठनों द्वारा ईमेल के जरिए प्राचीन बाबा मुक्तेश्वर धाम जो शाहपुरकंडी क्षेत्र में है उसे उड़ाने की धमकी भेजी गई। जिसके बाद वहां पर भी सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं।
गौरतलब है कि पठानकोट में सबसे बड़ा और मुख्य आतंकवादी हमला 2 जनवरी 2016 को हुआ था। इस हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादी भारतीय वायुसेना स्टेशन में घुस आए थे। आतंकवादियों ने तड़के वायुसेना स्टेशन के ‘तकनीकी क्षेत्र’ (Technical Area) को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इस मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षा बलों (जिसमें एनएसजी और गरुड़ कमांडो शामिल थे) ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया, लेकिन देश के 7 जांबाज जवान शहीद हो गए थे।
कितना अहम है पठानकोट और यहां का एयरबेस :
पठानकोट पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर के नजदीक है। यह शहर पाकिस्तान बाॅर्डर से सटा है। यहां एयर बेस के अलावा आर्मी बेस भी है। यहां का एयरबेस एयरफोर्स की वेस्टर्न कमांड के तहत आता है। यह बॉर्डर के एकदम नजदीक है। 1965 और 1971 की जंग में इस एयर बेस का बड़ा रोल रहा है। यहां मिग-21 फाइटर्स और एमआई-35 हेलिकॉप्टर्स मौजूद रहते हैं। देश की एयर सिक्युरिटी बनाए रखने में इस बेस का सबसे बड़ा रोल है। एयरफोर्स के 18 विंग यहां हैं। एयरफोर्स अफसरों की फैमिली भी यहीं रहती है। पठानकोट के अलावा आदमपुर (जालंधर के करीब), हलवारा (लुधियाना के पास) में बठिंडा में भी एयरबेस है। इसके अलावा जालंघर में 11 कॉर्प्स, पठानकोट, अमृतसर और बठिंडा में 10 कॉर्प्स और पटियाला में पहली आर्म्ड डिवीजन है।



