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‘नीरज भाई ने मेरी कमियां बताईं…’, सुमित अंतिल ने बताया कैसे बना डाला नया विश्व रिकॉर्ड

दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल ने कहा कि विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा की सलाह ने उनके करियर को नई दिशा दी है। इसी मार्गदर्शन की बदौलत उन्होंने 74.82 मीटर का नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

सुमित ने बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित आठवीं भारतीय ओपन पैरा एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पुरुष भाला फेंक एफ64 वर्ग में अपने ही पुराने विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर को 1.53 मीटर के बड़े अंतर से तोड़ दिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया। महाराष्ट्र के संदीप सागर ने 62.88 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता, लेकिन वह अंतिल से लगभग 12 मीटर पीछे रहे।

सोनीपत स्थित अपने घर से एक समाचार एजेंसी संग विशेष साक्षात्कार में अंतिल ने बताया कि पिछले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित पैरा विश्व चैंपियनशिप के दौरान नीरज चोपड़ा ने उनकी तकनीक को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे, जिनका लाभ उन्हें अब स्पष्ट रूप से मिल रहा है।

साभार : गूगल

अंतिल ने कहा, “नीरज भाई समय-समय पर मेरा मार्गदर्शन करते रहते हैं। पिछले साल नई दिल्ली में पैरा विश्व चैंपियनशिप के दौरान वे मेरा थ्रो देखने आए थे। उन्होंने मेरी कुछ कमियों की ओर ध्यान दिलाया था और आज मुझे उसका फायदा मिल रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे कोच और नीरज भाई अच्छे दोस्त हैं और वे मेरी तकनीक को लेकर लगातार चर्चा करते रहते हैं। हम सब मिलकर मेहनत कर रहे हैं और बार-बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ने में सफल हो रहे हैं। एक पैरा एथलीट के लिए 75 मीटर का थ्रो बहुत बड़ी उपलब्धि होती है।”

टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के साथ अभ्यास कर चुके अंतिल ने उनके प्रभाव के बारे में कहा, “कभी-कभी नीरज भाई से तुलना होने पर अच्छा लगता है क्योंकि वे मेरे आदर्श हैं। हालांकि, जब तुलना गलत तरीके से की जाती है तो यह सवाल भी मन में आता है कि ऐसा क्यों किया जा रहा है। मैं और नीरज बिल्कुल अलग श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करते हैं—वे सक्षम खिलाड़ियों की श्रेणी में हैं और मैं पैरा एथलीट हूं। ऐसे में हमारी तुलना का कोई विशेष औचित्य नहीं है।”

उन्होंने कहा, “मैं मुख्य रूप से नीरज भाई से समय-समय पर सलाह लेने और उनसे बातचीत करने पर ध्यान देता हूं। एक एथलीट के रूप में वे बेहद मजबूत हैं, लेकिन एक इंसान के रूप में वे उससे भी बेहतर हैं।” अंतिल ने अब अपना लक्ष्य 80 मीटर के आंकड़े तक पहुंचने पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका उद्देश्य 75 मीटर के थ्रो को लगातार हासिल करना और फिर 77-78 मीटर की स्थिरता विकसित करना है, ताकि भविष्य में 80 मीटर का लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सके।

उन्होंने कहा, “मैं पिछले ढाई वर्षों से इस विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। अब मेरा लक्ष्य इससे भी बेहतर प्रदर्शन करना है।” हरियाणा के इस एथलीट ने बताया कि आगामी पैरा एशियाई खेलों जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले उन्हें अपना वजन और कम करने के साथ-साथ तकनीक पर भी काम करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “मुझे दो से तीन किलोग्राम और वजन कम करना होगा, ताकि रनवे पर बेहतर गति और लय हासिल कर सकूं। इसके अलावा कुछ तकनीकी बदलाव भी करने होंगे। मुझे उम्मीद है कि ये बदलाव आगामी प्रतियोगिताओं में मेरे लिए फायदेमंद साबित होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “हमने इसके लिए बहुत मेहनत की थी और जब मुझे 74.82 मीटर के थ्रो के बारे में पता चला तो यह बेहद संतोषजनक क्षण था।”

अंतिल ने कहा कि उनका पूरा ध्यान अब 80 मीटर के लक्ष्य पर है और वह कुछ ऐसे मुकाबलों में हिस्सा लेना चाहते हैं, जहां उन्हें सक्षम खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिले। विदेशी कोच या विदेश में प्रशिक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें भारत में ही प्रशिक्षण लेना अधिक पसंद है, क्योंकि यहां उन्हें अपने जैसा माहौल और भोजन मिलता है।

उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मौसम को छोड़कर मुझे विदेशी प्रशिक्षण में कुछ भी असाधारण नहीं लगता। ऐसा नहीं है कि मैं विदेश में प्रशिक्षण नहीं ले सकता। मुझे लगभग वे सभी सुविधाएं मिली हैं जो नीरज भाई को मिली हैं, जिनमें टॉप्स, ओजीक्यू और अन्य प्रायोजकों का सहयोग भी शामिल है। इसके बावजूद विदेश में मुझे घर जैसा एहसास नहीं होता।”

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके और उन खिलाड़ियों के बीच अभी भी छह से सात मीटर का अंतर है। अंतिल ने उम्मीद जताई कि भविष्य में प्रतिस्पर्धा का स्तर और बेहतर होगा, जिससे उन्हें भी अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रेरणा मिलेगी।

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