Trending

हमीरपुर में भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ीं 6 जिंदगियां

बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल भरभरा कर गिरा, निर्माण कंपनी पर FIR

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाली घटना सामने आई है। बेतवा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे एक महत्वपूर्ण पुल का बड़ा हिस्सा बीती रात आई तेज आंधी और बारिश के बीच ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और ठेकेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हमीरपुर और आसपास के जिलों को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर पिछले 2 वर्षों से इस पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। यह राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) का एक ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ था, जिसे एक निजी निर्माण कंपनी को आउटसोर्स किया गया था।

हादसे की भयावह रात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 28 मई की रात अचानक मौसम खराब हुआ और तेज आंधी चलने लगी। उस समय भी पुल के एक पिलर (Pillar) के ऊपर स्लैब (Slab) डालने का काम चल रहा था। हवा के तेज दबाव और संभवतः घटिया निर्माण सामग्री के कारण, स्लैब को सहारा देने वाली सेंट्रिंग (लोहे का ढांचा) अचानक खिसक गई। चंद सेकंड के भीतर ही सैकड़ों टन वजनी कंक्रीट का मलबा नीचे काम कर रहे और सो रहे मजदूरों पर आ गिरा।

राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी बारिश और अंधेरे के कारण बचाव कार्य में काफी बाधा आई। क्रेन और गैस कटर की मदद से मलबे को हटाकर 6 शव निकाले गए। मृतकों में से अधिकांश मजदूर बिहार और झारखंड के रहने वाले थे, जो दिहाड़ी पर यहां काम कर रहे थे।

भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ठेकेदार द्वारा कंक्रीट और सीमेंट के मिश्रण में तय मानकों की अनदेखी की जा रही थी। इसके अलावा, आंधी-तूफान के अलर्ट के बावजूद रात की शिफ्ट में मजदूरों से काम कराना सुरक्षा प्रोटोकॉल (Safety Protocol) का सीधा उल्लंघन है।

सरकार का एक्शन
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस दर्दनाक हादसे पर कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (Ex-gratia) देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, PWD के एक चीफ इंजीनियर और 2 जूनियर इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निर्माण कंपनी के मालिक और ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (FIR) का मामला दर्ज कर लिया गया है, और पूरे प्रोजेक्ट के ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ (Structural Audit) के आदेश दिए गए हैं।

Related Articles

Back to top button