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केरल की राजनीति में भूचाल

पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के आवास पर ED का छापा, बेटी वीणा से जुड़े CMRL घोटाले में बड़ी कार्रवाई

दक्षिण भारत की राजनीति से आज एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर सख्त कदम उठाते हुए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज वामपंथी नेता पिनाराई विजयन के आवास पर आज सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई उनकी बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी और कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के बीच हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (‘पे-ऑफ’ घोटाले) के मामले में की गई है।

केरल में वामपंथी राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मुश्किलें अचानक बेहद बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ‘प्रवर्तन निदेशालय’ (Enforcement Directorate – ED) की विशेष टीमों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भारी सुरक्षा के बीच विजयन के कन्नूर स्थित पैतृक आवास और तिरुवनंतपुरम के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

क्या है पूरा CMRL घोटाला?

इस पूरे विवाद की जड़ें वर्ष 2023 में तब उजागर हुई थीं, जब इनकम टैक्स सेटलमेंट बोर्ड (ITSB) की एक रिपोर्ट मीडिया में लीक हुई थी। रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया था कि केरल की एक निजी खनन कंपनी, कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL), ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनकी बेंगलुरु स्थित आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ (Exalogic Solutions) को वर्ष 2017 से 2020 के बीच 1.72 करोड़ रुपये का भारी भुगतान किया था।

जांच में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि वीणा विजयन की कंपनी ने CMRL को कभी कोई सॉफ्टवेयर या आईटी (IT) सेवा प्रदान ही नहीं की थी। आयकर विभाग और जांच एजेंसियों का स्पष्ट आरोप है कि बिना कोई सेवा दिए करोड़ों रुपये का यह भुगतान असल में राजनीतिक संरक्षण पाने के लिए दिया गया एक अवैध ‘पे-ऑफ’ (Pay-off) या रिश्वत थी।

मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत ED का एक्शन

शुरुआत में इस मामले की जांच कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की शाखा ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस’ (SFIO) कर रही थी। SFIO ने अपनी प्रारंभिक जांच में कंपनी के बहीखातों में भारी अनियमितताएं और फर्जीवाड़े के सबूत पाए थे। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत एक नई ईसीआईआर (ECIR – एफआईआर के समान) दर्ज की और जांच अपने हाथों में ले ली।

सूत्रों के अनुसार, आज की छापेमारी के दौरान ED के अधिकारी विजयन के आवास से कुछ अहम डिजिटल साक्ष्यों, हार्ड ड्राइव, बैंक स्टेटमेंट और प्रॉपर्टी के कागजातों की सघन तलाशी ले रहे हैं। ED यह साबित करने के लिए सुबूत जुटा रही है कि क्या पिनाराई विजयन ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपनी बेटी की कंपनी को वित्तीय फायदा पहुंचाने के लिए CMRL को कोई अनुचित सरकारी लाभ या खनन के ठेके दिलाए थे।

राज्य में राजनीतिक घमासान तेज

एक पूर्व मुख्यमंत्री के घर ED की रेड पड़ने के बाद केरल का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के नेताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा नीत केंद्र सरकार की ‘बदले की राजनीति’ (Political Vendetta) करार दिया है। वामपंथी नेताओं का आरोप है कि चुनाव और राजनीतिक दुर्भावना के चलते केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।

दूसरी ओर, राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (UDF) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस छापेमारी का जोरदार स्वागत किया है। विपक्ष का कहना है कि केरल के लोगों का पैसा लूटा गया है और मुख्यमंत्री कार्यालय का उपयोग एक पारिवारिक व्यवसाय को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। विपक्ष ने मांग की है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि विजयन दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

आगे क्या?

ED की यह कार्रवाई अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आज की छापेमारी में ED को ठोस दस्तावेज मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में पूर्व सीएम पिनाराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन को पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय तलब किया जा सकता है। यह मामला न केवल विजयन परिवार के राजनीतिक भविष्य के लिए, बल्कि केरल में वामपंथी मोर्चे की छवि के लिए भी एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

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