29 साल बाद टूटा वोल्फ्सबर्ग का बुंडेसलीगा सपना, पैडरबोर्न ने रचा इतिहास
जर्मन फुटबॉल में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब वोल्फ्सबर्ग का 29 वर्षों से चला आ रहा बुंडेसलीगा सफर समाप्त हो गया। सोमवार को खेले गए रेलिगेशन प्लेऑफ के दूसरे चरण में पैडरबोर्न ने अतिरिक्त समय में 2-1 की रोमांचक जीत दर्ज कर शीर्ष लीग में अपनी जगह पक्की कर ली।
दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा था, जिसके बाद दूसरे चरण में मुकाबला बेहद तनावपूर्ण हो गया। वोल्फ्सबर्ग ने तीसरे ही मिनट में डेजनान पेजचिनोविच के गोल की बदौलत बढ़त हासिल कर ली और मजबूत शुरुआत की। हालांकि, पैडरबोर्न ने हार नहीं मानी और पहले हाफ की समाप्ति से सात मिनट पहले फिलिप बिलबिजा ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
वोल्फ्सबर्ग की मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब जोआकिम मेहले को शुरुआती गोल के केवल 11 मिनट बाद रेड कार्ड दिखाया गया। उन्हें महज तीन मिनट के भीतर दो पीले कार्ड मिले, जिसके कारण टीम को लगभग पूरा मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

संख्यात्मक बढ़त मिलने के बाद पैडरबोर्न ने लगातार हमले किए, लेकिन वोल्फ्सबर्ग के गोलकीपर कामिल ग्राबारा ने कई शानदार बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। निर्धारित 90 मिनट के बाद भी स्कोर 1-1 रहने से मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया।
अतिरिक्त समय के 10वें मिनट में लॉरिन कुर्डा ने शानदार वॉली के जरिए गेंद को जाल में पहुंचाकर पैडरबोर्न को निर्णायक बढ़त दिला दी। यही गोल अंततः ऐतिहासिक साबित हुआ और पैडरबोर्न ने तीसरी बार बुंडेसलीगा में प्रवेश करने का गौरव हासिल किया।
वोल्फ्सबर्ग ने 1997 में पहली बार बुंडेसलीगा में जगह बनाई थी और तब से लगातार शीर्ष लीग का हिस्सा रहा था। इस दौरान क्लब ने 2009 में बुंडेसलीगा खिताब जीतकर इतिहास रचा और 2015 में जर्मन कप भी अपने नाम किया। दूसरी ओर, पैडरबोर्न इससे पहले दो बार बुंडेसलीगा में पहुंच चुका है, लेकिन दोनों मौकों पर टीम अगले ही सत्र में रेलिगेट हो गई थी।



