मुंबई इंडियंस की हार पर जयवर्धने का आत्ममंथन, बोले- ‘गलती कहां हुई, समझना होगा
आईपीएल के 54वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मिली हार के साथ ही मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ में पहुंचने के सभी रास्ते बंद हो गए। टीम के हेड कोच महेला जयवर्धने ने स्वीकार किया कि यह सीजन मुंबई इंडियंस के लिए बेहद निराशाजनक रहा और टीम कई अहम मौकों को भुनाने में असफल रही।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयवर्धने ने कहा, “हां, यह सीजन हमारे लिए निराशाजनक रहा। हमें कई मौके मिले, लेकिन हम उनका फायदा नहीं उठा सके। हम गेंद और बल्ले दोनों से लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और यही अंतर साफ नजर आया।
शायद हम प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने से दो-तीन जीत दूर रह गए। हम अहम मौकों पर मैच जीतने में नाकाम रहे, जिसका ताजा उदाहरण आरसीबी के खिलाफ यह मुकाबला है। इसलिए पूरे सीजन को एक लाइन में समझाना आसान नहीं है। मुझे इस पर गहराई से सोचने और यह समझने की जरूरत है कि आखिर गलती कहां हुई।” मुकाबले के आखिरी ओवर में मुंबई इंडियंस को जीत के लिए 15 रन बचाने थे।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने युवा ऑलराउंडर राज बावा को गेंद थमाई, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस फैसले पर जयवर्धने ने कहा, “उस समय हमारे सभी मुख्य गेंदबाज अपने ओवर पूरे कर चुके थे। हमारे पास कोई अनुभवी तेज गेंदबाज उपलब्ध नहीं था और स्पिन विकल्प भी ज्यादा प्रभावी नहीं दिख रहे थे। गजनफर पहले ही महंगे साबित हुए थे, इसलिए सूर्यकुमार ने राज बावा पर भरोसा जताया।”
उन्होंने आगे कहा, “राज एक प्रतिभाशाली गेंदबाज हैं। हम जानते हैं कि वह अभ्यास सत्रों में क्या कर सकते हैं। उनके पास यॉर्कर, वाइड लाइन और डेथ ओवरों में इस्तेमाल होने वाली सभी तरह की गेंदें मौजूद हैं। इसलिए हमें लगा कि उस परिस्थिति में उनका इस्तेमाल सही रहेगा। मेरे हिसाब से उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और शेफर्ड का विकेट भी लिया। हालांकि दबाव के कारण उनसे कुछ वाइड और नो-बॉल जरूर हुईं। इसके बावजूद जिस तरह टीम ने मुकाबले में लड़ाई दिखाई, उससे मैं संतुष्ट हूं।”
टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या की खराब फॉर्म पर भी जयवर्धने ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “हमें हार्दिक और सूर्यकुमार पर पूरा भरोसा और आत्मविश्वास था और हम उसी सोच के साथ आगे बढ़े। लेकिन मैदान पर नतीजे हमारे मुताबिक नहीं आए। जैसा मैंने कहा, इस समय उससे ज्यादा कुछ कहना मुश्किल है। दोनों खिलाड़ियों का टी20 वर्ल्ड कप शानदार रहा था और उन्होंने भारत को खिताब जिताने में बड़ी भूमिका निभाई थी। लेकिन एक टीम के तौर पर हम इस सीजन उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके।”



