फ्लाइट में महुआ मोइत्रा की हूटिंग: जय श्री राम के नारों से गूंजा विमान; TMC सांसद ने लगाया उत्पीड़न और सुरक्षा में चूक का आरोप

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीतिक तपिश अब आसमान तक जा पहुंची है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने एक विमान के भीतर अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न का वीडियो साझा कर सनसनी फैला दी है। मोइत्रा का आरोप है कि दिल्ली जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में कुछ यात्रियों ने उन्हें निशाना बनाकर न केवल हूटिंग की, बल्कि ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया।
विमान के अंदर क्या हुआ? सांसद ने सुनाई आपबीती
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर घटना का विवरण साझा करते हुए बताया कि वह रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रही थीं। वह इंडिगो की फ्लाइट 6E 719 की सीट संख्या 1F पर बैठी थीं।
सांसद के मुताबिक, विमान में सवार होते समय 4 से 6 लोगों के एक समूह ने पहले उन्हें काफी देर तक घूरा और फिर पीछे की सीटों पर जाकर बैठ गए। आरोप है कि जैसे ही विमान दिल्ली में उतरा और गेट खुलने का समय आया, उन लोगों ने अचानक उनकी ओर इशारा करते हुए हूटिंग और नारेबाजी शुरू कर दी। मोइत्रा ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया।
“यह जनता का गुस्सा नहीं, सीधा उत्पीड़न है”
घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने इसे सुरक्षा में बड़ी सेंध करार दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “यह कोई सामान्य विरोध या जनता का गुस्सा नहीं है। यह सीधे तौर पर मेरा उत्पीड़न है और विमान के सुरक्षित दायरे में मेरी सुरक्षा का उल्लंघन है। इन उपद्रवी लोगों को इस तरह की हरकत करके बच निकलने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”
नागरिक उड्डयन मंत्री और इंडिगो से सख्त कार्रवाई की मांग
महुआ मोइत्रा ने इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू को टैग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की कि इंडिगो एयरलाइंस अपने क्रू की रिपोर्ट की जांच करे, इन यात्रियों की पहचान सार्वजनिक करे और इन्हें तत्काल ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ (No-Fly List) में डाला जाए। अपनी शिकायत को मजबूती देने के लिए उन्होंने ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी दिग्गजों को भी टैग किया है।
बंगाल चुनाव नतीजों के बाद बढ़ा सियासी तनाव
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है और 15 साल पुराने टीएमसी के शासन का अंत हुआ है। राज्य में चुनावी नतीजों के बाद से ही सियासी माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। भाजपा समर्थकों में जहां उत्साह है, वहीं टीएमसी सांसद के साथ हुई इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है कि क्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब व्यक्तिगत उत्पीड़न का रूप ले रही है।



