चेन्नई में सियासी भूचाल: मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को कहा आतंकवादी, तमिलनाडु चुनाव से पहले बीजेपी ने खोला मोर्चा; जानें क्या है पूरा विवाद

चेन्नई : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान से ठीक 48 घंटे पहले राज्य की सियासत में ‘शब्दों की मर्यादा’ तार-तार हो गई है। चेन्नई में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद विवादित टिप्पणी कर दी। खरगे ने पीएम मोदी की तुलना ‘आतंकवादी’ से कर डाली, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे देश के प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक मर्यादा का अपमान बताते हुए कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी मोर्चा खोल दिया है।
क्या था मल्लिकार्जुन खरगे का वो बयान जिस पर मचा बवाल?
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एआईएडीएमके (AIADMK) और भाजपा के गठबंधन पर हमला बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “ये AIADMK के लोग, जो अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे हाथ मिला सकते हैं? वह (मोदी) एक आतंकवादी हैं। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखती।” खरगे यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि जो लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, वे लोकतंत्र और पेरियार-अम्बेडकर की विचारधारा को कमजोर कर रहे हैं।
विवाद बढ़ा तो खरगे ने दी सफाई: ‘मेरा मतलब डराने से था’
बयान पर चौतरफा घिरने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने आनन-फानन में सफाई पेश की। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरे शब्दों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। मैंने यह नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं। मेरा मतलब यह था कि वह विपक्षी दलों को ‘टेरराइज’ (डरा) रहे हैं। ईडी, सीबीआई और आईटी जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं और वे इनका इस्तेमाल धमकाने के लिए कर रहे हैं। मोदी हमेशा धमकी की राजनीति करते हैं।”
भाजपा का तीखा प्रहार: ‘राहुल को खुश करने के लिए गिरी कांग्रेस’
कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि कांग्रेस इस स्तर तक गिर गई है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय और लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता को आतंकवादी कहना करोड़ों भारतीयों का अपमान है।” भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि खरगे केवल राहुल गांधी को खुश करने के लिए ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे ‘संविधान का अपमान’ करार दिया।
23 अप्रैल को मतदान: तमिलनाडु में कांटे की टक्कर
गौरतलब है कि तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ डीएमके-कांग्रेस गठबंधन का मुकाबला एआईएडीएमके और भाजपा के गठबंधन से है। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में आए इस ‘आतंकवादी’ वाले बयान ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस मुद्दे को भुनाकर मतदाताओं की सहानुभूति बटोरने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुटी है।



