तीन साल बाद राहत, रूस और बेलारूस के तैराक अब अपने झंडे के साथ उतरेंगे
वर्ल्ड एक्वेटिक्स ने घोषणा की है कि उसने रूसी और बेलारूसी एथलीटों पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं। इसके बाद दोनों देशों के एथलीट अब अपने राष्ट्रीय झंडों और राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे।
संस्था ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में कहा, “वर्ल्ड एक्वेटिक्स ब्यूरो के फैसले के बाद, और एक्वेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट तथा वर्ल्ड एक्वेटिक्स एथलीट्स कमेटी के साथ परामर्श करके, राजनीतिक संघर्षों के समय एक्वेटिक्स इवेंट्स में एथलीट भागीदारी से जुड़े दिशा-निर्देश अब बेलारूसी या रूसी खेल राष्ट्रीयता वाले सीनियर एथलीटों पर लागू नहीं होंगे।”
बयान में आगे कहा गया, “बेलारूस या रूस की खेल राष्ट्रीयता वाले सीनियर एथलीटों को वर्ल्ड एक्वेटिक्स इवेंट्स में उसी तरह प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति होगी, जैसे अन्य देशों के एथलीट अपनी-अपनी यूनिफॉर्म, झंडों और राष्ट्रगान के साथ भाग लेते हैं।”

हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि बेलारूसी या रूसी राष्ट्रीयता वाले एथलीटों को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति तभी मिलेगी जब वे इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी के साथ साझेदारी में किए गए कम से कम चार लगातार एंटी-डोपिंग नियंत्रण सफलतापूर्वक पास करेंगे और ‘एक्यूआइयू’ के साथ बैकग्राउंड जांच पूरी करेंगे।
वर्ल्ड एक्वेटिक्स ब्यूरो ने इससे पहले दिशा-निर्देशों में बदलाव किया था, जिन्हें ‘एक्यूआइयू’ लागू करता है, ताकि बेलारूसी और रूसी खेल राष्ट्रीयता वाले जूनियर एथलीट भी अपने समकक्ष जूनियर एथलीटों की तरह ही भाग ले सकें।
वर्ल्ड एक्वेटिक्स अध्यक्ष हुसैन अल मुसल्लम ने कहा, “पिछले तीन वर्षों में, वर्ल्ड एक्वेटिक्स और ‘एक्यूआइयू’ ने यह सुनिश्चित करने में सफलता पाई है कि संघर्ष को खेल प्रतियोगिताओं से दूर रखा जा सके। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि पूल और ओपन वॉटर ऐसे स्थान बने रहें जहाँ सभी देशों के एथलीट शांतिपूर्ण प्रतिस्पर्धा में एक साथ आ सकें।”
रूस के खेल मंत्री और रूसी ओलंपिक कमेटी के प्रमुख मिखाइल डेग्त्यारेव ने वर्ल्ड एक्वेटिक्स के इस फैसले का स्वागत किया है। डेग्त्यारेव ने कहा, “हम वर्ल्ड एक्वेटिक्स के इस निर्णय का स्वागत करते हैं, जिसके तहत रूसी और बेलारूसी एथलीटों को अन्य एथलीटों के बराबर, राष्ट्रीय यूनिफॉर्म में, अपने राष्ट्रीय झंडे और राष्ट्रगान के साथ सभी अंतरराष्ट्रीय एक्वेटिक प्रतियोगिताओं में फिर से शामिल किया गया है।”



