आईएमएफ, विश्व बैंक और आईईए ने देशों से ऊर्जा आपूर्ति पक्ष में काम करने का किया आग्रह

युद्धों के इस दौर में ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित है और इसके साथ तोड़ मरोड़ न करने के लिए अब वैश्विक संस्थाओं ने देशों से आग्रह किया है। आईएमएफ, विश्व बैंक और आईईए ने देशों से ऊर्जा आपूर्ति के मामले में जमाखोरी ( hoarding) न करने और निर्यात नियंत्रण ( export control) हटाने का आग्रह किया है। ऐसा करना सतत विकास, समावेशी विकास और वैश्विक शांति सुरक्षा के लिए बहुत आवश्यक है।
आईईए (IEA) के कार्यकारी निदेशक बिरोल पहले ही कह चुके हैं कि इस संघर्ष ने अब तक के सबसे खराब वैश्विक ऊर्जा व्यवधान को जन्म दिया है, जिसमें पश्चिम एशिया में अब तक 80 से अधिक तेल और गैस संयंत्रों को नुकसान पहुँचा है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को देशों से ऊर्जा आपूर्ति की जमाखोरी करने और निर्यात नियंत्रण लगाने से बचने का आग्रह इसी संदर्भ में किया है। उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाइयाँ वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अब तक के सबसे बड़े झटके को और अधिक खराब कर सकती हैं।
आईईए प्रमुख फातिह बिरोल ने आईएमएफ और विश्व बैंक के नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि कई देश स्टॉक को रोक कर रख रहे हैं और निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे ऊर्जा स्टॉक को बाजारों में आने दें। हालांकि, उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए।



