जूनियर महिला हॉकी टीम में बदलाव: तुषार खांडेकर की विदाई, टिम वाइट को मिली मुख्य कोच की जिम्मेदारी
हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को तुषार खांडेकर की जगह ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी कोच टिम वाइट को जूनियर महिला हॉकी टीम का मुख्य कोच नियुक्त कर दिया। खांडेकर 2023 से इस टीम के साथ जुड़े हुए थे। राष्ट्रीय महासंघ ने इस बदलाव के पीछे के कारणों का कोई विवरण नहीं दिया है और न ही वाइट के अनुबंध की अवधि के बारे में जानकारी साझा की है।
टिम वाइट ने हाल ही में जनवरी में हॉकी इंडिया लीग में ‘अकॉर्ड तमिलनाडु ड्रैगन्स’ के मुख्य कोच के रूप में काम किया था। उन्हें बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया दोनों जगह कोचिंग का अनुभव प्राप्त है। भारत आने से पहले वाइट बेल्जियम की अंडर-21 महिला टीम के कोच थे, जहां उन्होंने पिछले साल जूनियर विश्व कप में टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा वह 2021 से 2024 तक बेल्जियम की सीनियर राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ का भी अहम हिस्सा रहे। इस अवधि में टीम की विश्व रैंकिंग 12वें स्थान से सुधारकर तीसरे स्थान तक पहुंच गई थी। साथ ही, टीम ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में सेमीफाइनल तक का सफर भी तय किया था।

वाइट ने अपने करियर की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय जूनियर टीम के कोच के रूप में कार्य किया था और उस दौरान टीम को जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक दिलाने में मदद की थी। हॉकी इंडिया से जारी प्रेस विज्ञप्ति में वाइट ने कहा, “हाल ही में तमिलनाडु ड्रैगन्स के कोच के तौर पर भारत में समय बिताने के बाद मैं यहां के हॉकी के प्रति जुनून और समृद्ध संस्कृति से काफी प्रभावित हुआ हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “जूनियर विश्व कप में भारत के खिलाफ कोचिंग करते समय मैंने यहां की युवा प्रतिभा को करीब से देखा है। ऐसे उत्साही खिलाड़ियों के साथ पूर्णकालिक कोच के रूप में काम करने का अवसर मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है।”
वाइट ने यह भी कहा, “मेरा उद्देश्य ऐसे खिलाड़ी तैयार करना है जो तकनीकी रूप से मजबूत हों और जूनियर तथा सीनियर टीम के बीच के अंतर को पाट सकें, ताकि वे सीनियर टीम में अपनी जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हों।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह खेल को सरल बनाए रखते हुए खिलाड़ियों की व्यक्तिगत और सामूहिक मजबूती पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
वाइट के अनुसार, “हम एक ऐसी टीम बनाने का लक्ष्य रखेंगे जो आक्रामक हॉकी खेले, लेकिन साथ ही अपनी रक्षात्मक संरचना में पूरी तरह अनुशासित भी रहे। यह आवश्यक है कि हम शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करें ताकि पूरे 60 मिनट तक उच्च स्तर का प्रदर्शन बनाए रखा जा सके।”
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने वाइट का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वह खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया के जूनियर कार्यक्रमों के साथ उनका शानदार ट्रैक रिकॉर्ड उनकी क्षमता को दर्शाता है, खासकर जूनियर विश्व कप में टीम को पोडियम तक पहुंचाने में उनकी सफलता।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा मानना है कि हाई-परफॉर्मेंस कोचिंग और खिलाड़ियों के विकास में उनका व्यापक अनुभव हमारी जूनियर महिला टीम को सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी की चुनौतियों के लिए तैयार करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।”



