टीनएजर से ग्लोबल स्टार बने बुमराह, कोच ने बताई सफलता की कुंजी
मुंबई इंडियंस के बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की तारीफ की है। पारस म्हाम्ब्रे ने एक ऐसी चीज़ के बारे में बताया है, जिसे दुनियाभर के गेंदबाज उनसे सीख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बुमराह का वर्क एथिक्स बहुत अच्छा है और हाल के सालों में उन्होंने एक बॉलर और एक इंसान दोनों के तौर पर काफी तरक्की की है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खतरनाक गेंदबाजी करने वाले बुमराह, आईपीएल 2026 में अभी तक पहले दो मैचों में एक भी विकेट नहीं निकाल पाए हैं।
टूर्नामेंट के राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस 13वें लीग मैच से पहले पारस म्हाम्ब्रे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बुमराह ने एक टीनएजर से ग्लोबल आइकन बनने का सफर तय किया है।

टीम के बॉलिंग कोच ने कहा, “एक बात जो हर इंसान और बॉलर को बूम (बुमराह) से सीखनी चाहिए, वह है उनका काम करने का तरीका (वर्क एथिक्स)। जिस तरह से वह नेट्स में काम करते हैं, हर उस चीज़ पर टिक मार्क करते हैं, जिस पर उन्होंने काम किया है और गेम के दौरान इस्तेमाल करेंगे, लेकिन पिछले कुछ सालों में इंडियन टीम के साथ… वह एक जबरदस्त बॉलर बन गए हैं और एक इंसान के तौर पर तो और भी ज्यादा, जो कमाल की बात रही है।”
एमआई ने आईपीएल 2026 के पहले दो मैचों में से एक में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। दूसरे मैच में मुंबई इंडियंस के गेंदबाज साझेदारी नहीं तोड़ पाए। इसको लेकर पारस ने कहा, “एक बॉलिंग ग्रुप के तौर पर, हम हमेशा इस बात पर चर्चा करते हैं कि विकेट कैसे लें, अपने प्लान को कैसे पूरा करें, विरोधी टीम पर दबाव कैसे बनाए रखें और अपनी ताकत और कमजोरियों का फायदा कैसे उठाएं।”
हालांकि, बॉलिंग कोच ने पिचों को थोड़ा अलग बताया। गेंदबाजी कोच ने कहा, “दोनों सरफेस अलग-अलग रहे हैं, और आप सबको अंदाजा देने के लिए, जब हम मुंबई में खेलते हैं, तो हमारे पास लाल मिट्टी की पिचें होती हैं।
लाल मिट्टी की खासियतें अलग होती हैं। उस पर घास होने की वजह से आपको बाउंस मिलता है और शॉट आसानी से खेले जा सकते हैं। उन सरफेस पर स्क्वायर कट और पुल शॉट बहुत अच्छे से खेले जा सकते हैं। जब हम दिल्ली में काली मिट्टी की सरफेस पर खेलने जाते हैं, तो वह बाउंस नहीं मिलता और अलग-अलग एरिया में खेलना पड़ता है।”



