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हर साल 6 अप्रैल को मनाया जाता है विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस

हर साल 6 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस (International Day of Sport for Development and Peace) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य खेलों के माध्यम से शांति, एकता और विकास को बढ़ावा देना है। यह दिवस लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है। खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ाते हैं, बल्कि आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना भी मजबूत करते हैं। स्पोर्ट ने हमेशा से समाजों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, चाहे वो फिर प्रतिस्पर्धी खेल, शारीरिक गतिविधि या खेल के रूप में हो। साथ खेल संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रणाली के लिए एक स्वाभाविक साझेदारी का भी प्रतीक है। इस साल इसका मुख्य विषय ( main theme)
Sport: Building Bridges, Breaking Barriers,
- ( स्पोर्ट्स: बिल्डिंग ब्रिजेज, ब्रेकिंग बैरियर्स) है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने 23 अगस्त 2013 को प्रस्ताव पारित कर अंतर्राष्ट्रीय खेल विकास और शांति दिवस की स्थापना की थी । इस प्रस्ताव को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के समर्थन से लाया गया था।
- इसके बाद 2014 में पहली बार इस दिवस को विश्वभर में आधिकारिक रूप से मनाया गया। वर्ष 2025 का थीम था समावेशी खेल: सामाजिक समावेश के लिए खेल।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का मानना है कि खेल एक ऐसा माध्यम है जो समाज में शांति, विकास और समरसता ला सकता है। IOC ने इस दिवस को मान्यता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, क्योंकि खेलों का ओलंपिक आदर्श हमेशा से “शांति और एकता” पर आधारित रहा है।
- 6 अप्रैल का दिन विशेष रूप से चुना गया क्योंकि इसी दिन वर्ष 1896 में पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी। ये ओलंपिक खेल एथेंस, ग्रीस में आयोजित किए गए थे। ओलंपिक खेलों का मूल सिद्धांत “शांति, दोस्ती और निष्पक्ष खेल” पर आधारित है, इसलिए इस दिन को खेल और शांति से जोड़कर देखा जाता है।



