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लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 23 साल की कमेंट्री के बाद लिया संन्यास, निजी विवाद को बताया कारण

पूर्व क्रिकेटर और दिग्गज क्रिकेट एक्सपर्ट लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने बीसीसीआई के कमेंट्री पैनल से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई पर संगीन आरोप भी लगाए थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने 23 साल तक कमेंट्री की, लेकिन उन्हें टॉस प्रेजेंट या पिच रिपोर्ट का मौका नहीं दिया गया।

यहां तक कि रवि शास्त्री जब टीम इंडिया के कोच थे, तब भी वे कमेंट्री रूम तक ही सीमित रहे। रंगभेद का आरोप उन्होंने बोर्ड पर लगाया था, लेकिन अब अगले ही दिन यानी 21 मार्च को उन्होंने कहा कि बोर्ड के एक शख्स के साथ उनकी नहीं बनी।

ऐसे में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कहा, “बीसीसीआई एडमिनिस्ट्रेशन को इस मामले में मत लाओ। यह बीसीसीआई के एक एम्प्लॉई के साथ व्यक्तिगत मामला है। जय शाह एंड कंपनी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं अपनी जिंदगी पर कंट्रोल कर रहा हूं और मुझे लगता है कि मुझे ऐसा करने का हक है।”

साभार : गूगल

शिवरामकृष्णन ने 1980 के दशक की शुरुआत में 17 साल की उम्र में अपनी दमदार लेग-स्पिन गेंदों, गुगली और टॉप स्पिन से हलचल मचा दी थी। भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं चला, लेकिन इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।

60 वर्षीय शिवरामकृष्णन को दो दशक से अधिक समय तक कमेंट्री बॉक्स के अंदर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाना जाता रहा। शिवरामकृष्णन यानी शिवा नाम से मशहूर शिवरामकृष्णन ने भारत की तरफ से 1983 से 1986 के बीच नौ टेस्ट मैच और 16 वनडे खेले। वह 2000 में कमेंट्री से जुड़े। उन्होंने आईसीसी क्रिकेट समिति में खिलाड़ी प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया।

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