एफआईएच प्रो लीग में भारतीय हॉकी टीम की नई शुरुआत: हार्दिक सिंह की कप्तानी में चुनौती
भारतीय पुरुष हॉकी टीम, घरेलू मैदान पर बुरी तरह हारने के बाद, शनिवार को यहां स्पेन के खिलाफ मैच के साथ एफआईएच प्रो लीग के विदेशी चरण के आगाज में नए कप्तान हार्दिक सिंह के नेतृत्व में वापसी करने और एक नई शुरुआत करने के लिए बेताब होगी।
सीरीज का होबार्ट चरण 25 फरवरी तक तस्मानिया हॉकी सेंटर में होगा, जिसमें मेजबान ऑस्ट्रेलिया भी है। हाल में राउरकेला चरण भारतीय टीम के लिए सीखने का दौर साबित हुआ, जिसमें उन्हें अर्जेंटीना और बेल्जियम से हार मिली।
नियमित कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण आने वाले मैचों से ब्रेक लिया है। टीम इन मुकाबलों को आने वाले एफआईएच विश्व कप और उसके बाद के एशियाई खेलों से पहले संयोजन को परखने और लय बनाने के एक जरूरी मौके के तौर पर देख रही है।
स्पेन के खिलाफ पहले मैच के बाद रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला होना है। 24 फरवरी को उनका सामना फिर स्पेन से होगा और 25 फरवरी को ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ अंतिम मैच के साथ यह चरण खत्म होगा।

भारत और स्पेन अपने पिछले 10 मुकाबलों में बराबरी पर रहे हैं, दोनों ने नियमित समय में चार-चार जीत हासिल की हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार ‘हाई-स्कोरिंग ड्रामा’ रहा है। मेजबान टीम अपने पिछले 10 मुकाबलों में छह जीत (और दो ड्रॉ) के साथ बढ़त बनाए हुए है।
दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता हार्दिक उस टीम को अगुआई करेंगे, जिसमें अमनदीप लाकड़ा और मनमीत सिंह जैसे युवा खिलाड़ी भी हैं। हार्दिक ने कहा, ‘‘प्रो लीग जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम की अगुआई करना बहुत बड़ा सम्मान है।
हालांकि, हमें निश्चित रूप से पिच पर हरमनप्रीत की कमी खलेगी, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी बाकी ग्रुप को आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने का बेहतरीन मौका देती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक टीम के तौर पर हमने अपने हाल के मैचों की समीक्षा की है। कुछ सबक सीखे हैं। हम होबार्ट में बहुत सकारात्मक और आक्रामक मानसिकता के साथ उतर रहे हैं।’’
अंगद बीर सिंह, अराजित सिंह हुंडाल और आदित्य अर्जुन लालागे जैसे उभरते हुए स्टार भी फॉरवर्ड लाइन में अपनी काबिलियत साबित करने के लिए बेताब होंगे।



