बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक का भारत से रिश्तों को सुधारने का संदेश
बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो चुका है और पीएम के पद की शपथ लेने के बाद तारिक रहमान ने भारत के साथ पिछले एक साल में तनावग्रस्त हुए रिश्तों में सुधार की दिशा में स्पष्ट सक्रियता दिखाना शुरू कर दिया है।
दोनों देशों के बीच बिगड़ते संपर्कों को पटरी पर लाने की कोशिशों में अब खेल कूटनीति भी एक अहम माध्यम बन गया है। नई सरकार के ताज़ा फैसलों और संचार के अंतर्गत बांग्लादेश के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने खुलकर कहा है कि वह न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि व्यापक स्तर पर भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाना चाहते हैं।
खेल मंत्री पद की शपथ ग्रहण के तुरंत बाद हक ने संसद भवन में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से भेंट की और बातचीत का आकलन सकारात्मक बताया।
अमीनुल हक ने कहा कि बातचीत में टी20 विश्व कप जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्होंने इस अवसर का उपयोग दो पक्षों के बीच आपसी विचारों को साझा करने में किया। हक ने स्पष्ट किया कि “हम बातचीत के जरिये जल्दी से जल्दी समाधान निकालना चाहते हैं और सभी पड़ोसी देशों के साथ मित्रवत संबंध बनाए रखना चाहते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि यदि राजनीतिक और कूटनीतिक दिक्कतों के कारण समय रहते संवाद स्थापित हो पाता, तो बांग्लादेश की टीम टी20 विश्व कप का हिस्सा बन सकती थी। हक के अनुसार गैर‑खेल मुद्दों के कारण खेल के कार्यक्रमों पर असर पड़ा, जो दोनों देशों के हित में नहीं है।
बीसीसीआई और सरकार के बीच सुलझे रहस्यों के विपरीत, पिछले वर्ष हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर तनाव पैदा हुआ था, जिसके चलते बीसीसीआई ने केकेआर को आदेश दिया कि बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 टीम से हटाया जाए, और केकेआर ने बोर्ड का आदेश मान लिया था।
इस कदम के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने विश्व कप 2026 के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम भारत भेजने से इनकार कर दिया और रिक्त मैचों को श्रीलंका में कराने की मांग आईसीसी से रखी थी।
आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग स्वीकार नहीं की, जिससे सरकार की सलाह के अनुरूप बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने का फैसला किया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह मिली थी।



