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आंकड़ों के दबाव से मानसिक वापसी तक: सूर्यकुमार यादव की नई पारी

भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए पिछला साल कुछ ऐसा ही रहा। अतिरिक्त जिम्मेदारी, लगातार खराब फॉर्म और आंकड़ों का दबाव—2025 उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक बन गया।

21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ 218 रन। टी20 विश्व कप से पहले ये आंकड़े सिर्फ स्कोरकार्ड की कहानी नहीं थे, बल्कि टीम इंडिया की चिंता भी बन चुके थे। सवाल उठ रहे थे, भरोसा डगमगा रहा था और हर पारी के साथ दबाव बढ़ता जा रहा था।

न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले दो मुकाबलों ने यह साफ कर दिया कि सूर्या ने हार मानने के बजाय खुद को दोबारा गढ़ने का रास्ता चुना। पहले मैच में हालात को पढ़ते हुए 32 रन—और दूसरे मैच में 82 रनों की विस्फोटक पारी। यह सिर्फ रन नहीं थे, यह एक मानसिक वापसी थी।

बीसीसीआई द्वारा साझा वीडियो में ईशान किशन से बातचीत के दौरान सूर्यकुमार ने इस बदलाव की असली वजह बताई—और वह वजह क्रिकेट मैदान से बाहर थी।

© AFP

मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, “घर पर भी एक कोच बैठी हैं, जिनसे मेरी शादी हुई है।” उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने उन्हें यह समझाया कि कभी-कभी आक्रामकता से पहले धैर्य जरूरी होता है। “वह मुझसे लगातार कहती रहती हैं कि मुझे लगता है तुम्हें मैदान में थोड़ा समय लेना चाहिए।”

सूर्यकुमार ने माना कि देविशा उनके मानसिक हालात को सबसे बेहतर समझती हैं और उन्हीं की सलाह पर उन्होंने क्रीज पर खुद को वक्त देना शुरू किया। “मैंने पिछले मैच में भी ऐसा किया और आज भी। इससे मुझे बेहतर महसूस हुआ।”

खराब आंकड़ों के बावजूद सूर्या का आत्मविश्वास पूरी तरह टूटा नहीं था। उन्होंने बताया, “मैं सभी से कह रहा था कि मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं, अभ्यास सत्र में कोशिश कर रहा हूं। लेकिन अभ्यास के दौरान चाहे आप कितना भी अच्छा करें, जब तक मैच में रन नहीं बनते, आत्मविश्वास नहीं आता।”

इस आत्मविश्वास की वापसी में एक और अहम फैसला शामिल था—सोशल मीडिया से दूरी। दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद मिले 2–3 हफ्तों के ब्रेक में सूर्या ने खुद को डिजिटल शोर से पूरी तरह अलग कर लिया। “मैं घर गया और पूरी तरह सोशल मीडिया से कट गया। वहां ज्यादा समय नहीं बिताया। पिछले तीन हफ्तों में मैंने अच्छी प्रैक्टिस की और सकारात्मक मानसिक स्थिति के साथ मैदान में उतरा।”

ईशान किशन ने इस सोच का समर्थन करते हुए क्रिकेट को संतुलन सिखाने वाला खेल बताया। “क्रिकेट एक बेहतरीन संतुलन बनाने वाला खेल है… विनम्रता बनाए रखना बेहद अहम है।”

कप्तान के रूप में सूर्यकुमार यादव की सोच सिर्फ अपनी फॉर्म तक सीमित नहीं थी। उन्होंने साफ कहा कि टीम को यह दिखाना जरूरी था कि भारत किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। “…हमें दुनिया के सामने यह धारणा भी खत्म करनी थी कि भारत तभी जीतेगा जब अभिषेक रन बनाएगा।”

उन्होंने आगे जोड़ा, “अगर ईशान रन बनाता है, तो हम मैच भी जीत सकते हैं। हालांकि अभिषेक शर्मा मेरे पसंदीदा बल्लेबाज हैं और मैं चाहता हूं कि वह हर मैच में रन बनाएं। लेकिन यह एक टीम खेल है।”

सूर्या ने भरोसा दिलाया कि टीम इसी दर्शन के साथ आगे बढ़ेगी—सामूहिक योगदान, सकारात्मक सोच और मनोरंजन से भरपूर क्रिकेट। “हम कोशिश करते रहेंगे, योगदान देते रहेंगे और आपको मनोरंजन के मौके देते रहेंगे।”

इस बातचीत में ईशान किशन की 76 रन की तूफानी पारी पर सूर्यकुमार की तारीफ भी खास रही। 21 गेंदों में अर्धशतक—न्यूजीलैंड के खिलाफ किसी भी भारतीय द्वारा सबसे तेज टी20 अर्धशतक।

हैरानी जताते हुए सूर्या ने पूछा, “छह रन पर दो विकेट गिरने के बाद आप आए और सीधे आक्रमण पर उतर गए, आखिर ऐसा क्या हुआ?” ईशान का जवाब उतना ही आत्मविश्वास से भरा था, जितनी उनकी बल्लेबाजी। “मैं गेंद को बहुत अच्छे से परख पा रहा था… मुझे किसी भी पल यह नहीं लगा कि वे मुझे आउट कर पाएंगे।”

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