विराट और रोहित की फॉर्म से भारत को राहत, सीरीज में अजेय बढ़त की उम्मीद
विराट कोहली और रोहित शर्मा की शानदार फॉर्म ने भारतीय टीम की कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों को लेकर बढ़ती चिंताओं को कम करने में मदद की है।
14 जनवरी को राजकोट में होने वाले दूसरे वनडे इंटरनेशनल मैच में भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज करके तीन मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त बनाने की कोशिश करेगा।
वडोदरा में खेले गए पहले मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराया था, लेकिन उस दौरान वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे, और वह अब सीरीज से बाहर हो गए हैं। इससे पहले ऋषभ पंत भी चोटिल हो गए थे और उन्होंने सीरीज से बाहर होने का निर्णय लिया था।
चयनकर्ताओं ने आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया है, लेकिन कोच गौतम गंभीर की रणनीति को ध्यान में रखते हुए, नीतीश कुमार रेड्डी को अंतिम एकादश में स्थान मिल सकता है।

विशेष रूप से ऑलराउंडर को प्राथमिकता देने की बात की जा रही है। वहीं, पंत के चोटिल होने के बाद उनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल किया गया है, जो विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में भारत के लिए एक अतिरिक्त विकल्प हो सकते हैं।
टी20 विश्व कप की दृष्टि से भारतीय टीम को अपनी रणनीति में सावधानी बरतनी होगी। हालांकि, टी20 और वनडे टीम के बल्लेबाजी क्रम में कुछ समानताएँ होंगी, लेकिन दोनों में अंतर भी होगा। विशेष रूप से तिलक वर्मा, जो ग्रोइन की चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन टी20 मैचों से बाहर हैं, उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा।
भारत की मौजूदा चिंता इस बात की है कि कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर भी शानदार क्रिकेट खेल रहे हैं, और उनका प्रदर्शन टीम की उम्मीदों का मुख्य आधार बना हुआ है।
कोहली ने वडोदरा में 93 रन की शानदार पारी खेली, जिससे भारत को जीत की राह पर डाला। हालांकि, वह अपने 54वें वनडे शतक से चूक गए, फिर भी उनकी बल्लेबाजी की स्थिरता और आत्मविश्वास ने भारतीय टीम को मजबूत किया।
भारत के लिए गेंदबाजी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, खासकर स्पिनरों के प्रदर्शन में सुधार की आवश्यकता है। पिछले मैच में तेज गेंदबाजों ने गेंद की गति को नियंत्रित करके विकेट लिए, लेकिन स्पिनरों को निरंजन शाह स्टेडियम में बेहतर पिच की उम्मीद होगी।
हालांकि, भारत को अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की आवश्यकता है, खासकर तब जब न्यूजीलैंड ने काइल जैमीसन की गेंदबाजी के बावजूद मैच को रोमांचक बना दिया था।
न्यूजीलैंड ने पहले विकेट के लिए डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स के बीच 117 रन जोड़कर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन उसके बाद का मध्यक्रम अधिक प्रभावी नहीं हो सका।
भारतीय गेंदबाजों ने इस मध्यक्रम को नियंत्रण में रखा और भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यूजीलैंड की टीम को इस विभाग में सुधार की जरूरत है और आगामी मैचों में वह इसे सुधारने की कोशिश करेगी।
सभी नजरें अब कोहली और रोहित पर होंगी, जो अपनी अनुभव और फॉर्म से भारतीय टीम को अपनी दिशा दे रहे हैं। भारतीय टीम का ध्यान अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप पर भी रहेगा, और वह इस सीरीज के दौरान किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जड़ेजा, नितीश कुमार रेड्डी, आयुष बडोनी, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा और यशस्वी जायसवाल
न्यूजीलैंड: माइकल ब्रैसवेल (कप्तान), डेवोन कॉनवे (विकेटकीपर), मिशेल हे (विकेटकीपर), निक केली, हेनरी निकोल्स, विल यंग, जोश क्लार्कसन, जैक फाउल्स, डैरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, आदित्य अशोक, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जैमीसन, जेडन लेनोक्स, माइकल रे



