सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों का आतंक: हथियारों से लदे मालवाहक जहाज़ का अपहरण, 6 भारतीय नागरिकों की जान खतरे में
सरिता त्रिपाठीनई दिल्ली हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) के पास एक बार फिर समुद्री लुटेरों (Pirates) के खौफनाक आतंक ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारत सरकार की नींद उड़ा दी है। सोमालिया के तट (Somalia’s coast) के पास…

सरिता त्रिपाठी
नई दिल्ली
हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) के पास एक बार फिर समुद्री लुटेरों (Pirates) के खौफनाक आतंक ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारत सरकार की नींद उड़ा दी है। सोमालिया के तट (Somalia’s coast) के पास समुद्री लुटेरों ने एक मालवाहक जहाज़ (cargo ship) का अपहरण (hijacked) कर लिया है। सबसे गंभीर और चिंताजनक बात यह है कि इस जहाज़ पर 6 भारतीय नागरिक सवार हैं और जहाज़ पर भारी मात्रा में संवेदनशील हथियार और संचार उपकरण लदे हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपहृत किया गया यह जहाज़ 'पोलर मूवमेंट शिपिंग' (Polar Movement Shipping) कंपनी के स्वामित्व में है। एक अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कोई सामान्य वाणिज्यिक जहाज़ नहीं था। यह जहाज़ मोगादिशु (Mogadishu) में स्थित तुर्की के एक सैन्य प्रशिक्षण सुविधा (Turkish military training facility) के लिए हथियारों की खेप ले जा रहा था। इसके अलावा, जहाज़ पर उच्च-स्तरीय संचार (communications) और सैटेलाइट उपकरण (satellite equipment) भी मौजूद थे। हथियारों से लदे इस जहाज़ का लुटेरों के हाथ लगना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा दुःस्वप्न है।
इस जहाज़ पर कुल 10 लोगों का चालक दल (10-member crew) तैनात था। इस बहुराष्ट्रीय क्रू में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है, जिसमें 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा क्रू में 1 तुर्की नागरिक, 1 जॉर्जियाई और सुरक्षा के लिए 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड (Serbian security guards) मौजूद थे। सशस्त्र सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी के बावजूद जहाज़ का हाईजैक हो जाना इस बात का संकेत है कि समुद्री लुटेरों का यह हमला बेहद सुनियोजित और भारी हथियारों से लैस था।
भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय इस घटनाक्रम पर बेहद करीब से नज़र बनाए हुए हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षित रिहाई इस वक्त सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) और सोमालियाई तट पर हाल के महीनों में समुद्री डकैती की घटनाओं में फिर से तेज़ी आई है। अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बलों और युद्धपोतों की गश्त के बावजूद इस तरह की घटनाएं वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों की रिहाई के लिए क्षेत्रीय साझेदारों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है।
सम्बंधित ख़बरें
योगी सरकार की शादी अनुदान योजना से ओबीसी परिवारों को राहत, 53 हजार से अधिक को मिली सहायता
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक एक लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए 210 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 107.092 करोड़ रुपये की सहायता वितरित पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए सीधे बैंक खाते में मिल रहे…
इजरायल के राष्ट्रपति का विशेष संदेश: कैप्टन स्मित मच्छर को बताया 'पूरी इंसानियत का हीरो'
विवेक ओझा यरुशलम/नई दिल्ली: कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों से परे, कभी-कभी व्यक्तिगत साहस की कहानियां दो देशों को एक अटूट डोर में बांध देती हैं। ऐसा ही एक वाकया सामने आया है, जहां इजरायल के राष्ट्रपति ने भारतीय मूल के…
महा-युद्ध की आहट! पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया भीषण पलटवार, आसमान से बरसाई मौत, 10 बड़े ठिकानों को ड्रोन से किया खाक
विवेक ओझा इस्लामाबाद/काबुल: दक्षिण एशिया में एक बार फिर भयंकर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। सीमा पर चल रही तनातनी अब सीधे तौर पर एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो चुकी है। अपनी आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बुरी…
यूपी पुलिस महकमे में आया भयंकर भूकंप! योगी सरकार का 'महा-एक्शन', एक साथ 18 आईपीएस अफसरों का हुआ ताबड़तोड़ तबादला; मची भारी खलबली
राघवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना सबसे कड़ा 'प्रशासनिक हंटर' चला दिया है। सूबे…
