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प्रधानमंत्री साेमवार काे जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह को वर्चुअली करेंगे संबोधित

भोपाल : पानी की हर बूंद को सहेजने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन और वॉटरशेड सम्मेलन 30 जून को खंडवा में होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल शामिल होंगे और कार्यक्रम को…

Ragwendra P Singh
June 29, 2025
4 min read
प्रधानमंत्री साेमवार काे जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह को वर्चुअली करेंगे संबोधित

भोपाल : पानी की हर बूंद को सहेजने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन और वॉटरशेड सम्मेलन 30 जून को खंडवा में होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल शामिल होंगे और कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में 1518 करोड़ से अधिक के जल संरक्षण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

जनसंपर्क अधिकारी शिवम शुक्ल ने रविवार काे बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर मध्यप्रदेश में 3 माह के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' चलाया गया। इस दौरान जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर लगातार कार्य किया गया। अभियान के समापन कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 578.08 करोड़ की लागत से कराए गए 57,207 जल संरक्षण कार्य, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वॉटरशेड विकास के अंतर्गत 63.46 करोड़ की लागत से 888 जल संरक्षण कार्य, वॉटरशेड परियोजनाओं के कार्यों के प्रबंधन और अनुश्रवण के लिए वॉटरशेड वर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जल संसाधन विभाग की 4 सिंचाई परियोजनाओं क्रमश: भाम राजगढ़ मध्यम सिंचाई परियोजना, बिहार सारोला बैराज, लाजैरा बैराज, हापला दीपला बैराज लघु सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं की लागत करीब 312.77 करोड़ है, जिससे 8557 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। इससे 21 ग्रामों के 7260 किसान लाभांवित होंगे। नर्मदा घाटी विकास विभाग की जावर माईक्रो उद्वहन सिंचाई योजना प्रशासकीय स्वीकृति 563.72 करोड़ का लोकार्पण भी किया जाएगा। योजना से खण्डवा जिले के 52 ग्रामों के 21,666 किसानों की करीब 26 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में अमृत 2.0 योजना अंतर्गत 50 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार की गई 74 जल संग्रहण संरचनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बारिश की हर बूंद सहेजने, पुराने जल स्त्रोतों का पुनरुद्धार करने और जल संरक्षण के लिए नई संरचनाओं का निर्माण करने के लिए 90 दिनों तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने 30 मार्च काे उज्जैन से की थी। अब 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का प्रदेश में असर भी दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि प्रदेश में वर्षा जल के संचयन के लिए 90 दिन में 84,930 खेत-तालाब बनाए गए हैं। प्रदेश में 77,940 खेत तालाब बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें लक्ष्य से करीब 7 हजार अधिक खेत तालाब बनाए जा रहे हैं। इसमें से कई खेत-तालाबों का निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है। इसी तरह से प्रदेश के सभी जिलों में 1283 अमृत सरोवर भी बनाए जा रहे हैं, जिनका निर्माण भी जारी है। प्रदेश में तीन माह तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 20,955 पुराने कार्य पूरे किए गए।

अभियान से सिंचाई और पीने के पानी के लिए बनाए गए अधिकांश कुओं का जलस्तर भी बढ़ गया है। ऐसे में कुओं को जीवन देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 1 लाख 3 हजार से अधिक रिचार्ज पिट बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्तमान में निर्धारित लक्ष्य से अधिक 1,04,294 कुओं में रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं।

प्रदेश में पहली बार जल गंगा संवर्धन अभियान में तकनीक के साथ बनाए गए खेत-तालाब, कूप रिचार्ज पिट और अमृत सरोवर का सुखद परिणाम भी दिखने लगा है। मानसून की पहली ही बारिश में खेत तालाबों में पानी भरना शुरू हो गया है। इसके साथ ही कुएं भी रिचार्ज होने लगे हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में खेत तालाब, अमृत सरोवर और रिचार्ज पिट बनाने में मनरेगा परिषद द्वारा सिपरी और प्लानर सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है। प्लानर सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्ययोजना तैयार की गई, इसके बाद सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से जगह का चिन्हांकन गया। पानी का बहाव किस तरफ है, इसका वैज्ञानिक पद्धति से पता लगाया गया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि तीन माह में इतनी बड़ी संख्या में खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का निर्माण कराया गया है।

प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्रोंतों के संरक्षण के लिए नवाचार किए गए। अभियान के दौरान मनरेगा योजना के अंतर्गत खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट बनाने वाले प्रदेश के टॉप 10 जिलों में खंडवा, बालाघाट, रायसेन, उज्जैन, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, राजगढ़, अशोकनगर, बैतूल और मंडला शामिल हैं।

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