द इंडियन व्यू

आर्मेनिया ने पहली बार सीडीएस जनरल चौहान के सामने दिखाए भारत से खरीदे हथियार

नई दिल्ली : भारत से खरीदे गए हथियारों का आर्मेनिया ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन किया है। भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल अनिल चौहान इस समय आर्मेनिया दौरे पर हैं। उनके सामने आर्मेनियाई और भारतीय हथियारों के…

Ragwendra P Singh
February 8, 2026
4 min read
आर्मेनिया ने पहली बार सीडीएस जनरल चौहान के सामने दिखाए भारत से खरीदे हथियार

नई दिल्ली : भारत से खरीदे गए हथियारों का आर्मेनिया ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन किया है। भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल अनिल चौहान इस समय आर्मेनिया दौरे पर हैं। उनके सामने आर्मेनियाई और भारतीय हथियारों के अलग-अलग यूएवी और आर्मेनिया में बनाए गए हवाई बमों के लिए सुधार मॉड्यूल भी दिखाए गए। प्रदर्शित किये गए हथियारों में भारत से मिले आकाश एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम, पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम और सेल्फ प्रोपेल्ड हॉवित्जर हैं।

 

हाल के वर्षों में आर्मेनिया के साथ भारत के रक्षा संबंध और भी गहरे हुए हैं। आर्मेनिया ने साल 2022 में पहले विदेशी खरीदार के तौर पर भारत को 720 मिलियन डॉलर में 15 आकाश मिसाइल प्रणालियों का ऑर्डर दिया था। यह आकाश-1एस प्रणाली लड़ाकू विमानों, निर्देशित मिसाइलों और ड्रोन जैसे हवाई खतरों के खिलाफ विश्वसनीय सुरक्षा प्रदान करती है। डीआरडीओ निर्मित यह प्रणाली दुश्मन के लड़ाकू विमानों का 30 किलोमीटर पहले ही पता लगाकर उसे नीचे ला सकती है। आकाश मीडियम रेंज की हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन, भारत डायनामिक्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने तैयार किया है। चीन के साथ तनाव की शुरुआत के समय से ही पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत ने स्वदेश निर्मित आकाश एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर रखा है।

 

भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट 155 मिमी/52 कैलिबर टोड गन की उपयोगिता अपने पड़ोसी अजरबैजान से आत्मरक्षा में लगे आर्मेनिया को भी पसंद आई है। इसलिए नवंबर, 2022 में आर्मेनिया ने आर्टिलरी गन की आपूर्ति के लिए भारत को 155.5 मिलियन डॉलर का ऑर्डर दिया था, जो 155 मिमी हथियार प्रणाली के लिए किसी स्थानीय कंपनी को दिया गया पहला ऑर्डर था। भारत से 06 एडवांस टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) खरीदने के बाद आर्मेनिया ने मार्च, 2024 में 84 गन के दूसरे बड़े बैच का ऑर्डर दिया है। अब आर्मेनियाई सेना के पास 90 एटीएजीएस हो गई हैं। टोड होवित्जर की फायरिंग रेंज 45 किमी. से ज़्यादा है, इसे मुश्किल इलाकों में हाई एक्यूरेसी, तेजी से तैनाती और असरदार ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है।

 

इससे पहले भारत ने साल 2020 में 350 करोड़ रुपये का सौदा हासिल करके दुश्मन के खतरनाक हथियारों को खोजने में माहिर चार स्वाति वेपन लोकेटिंग राडार (डब्ल्यूएलआर) की आपूर्ति की थी। भारतीय सेना के लिए डिजाइन किए गए इन रडार का उपयोग दुश्मन की तोपों के गोले, मोर्टार और रॉकेट को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। दुश्मन के लॉन्चरों पर निगाह रखने के लिए भारत ने इस रडार को पाकिस्तान और चीन की सीमा पर लगाया है। 50 किलोमीटर की रेंज में एक साथ कई दिशाओं से आ रहे गोले और रॉकेट की सही दिशा बताने में ये राडार माहिर है। इसके बाद आर्मेनिया ने रूस निर्मित सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने के लिए भी भारत से मदद मांगी है।

 

भारत को सितंबर, 2022 में आर्मेनिया से मिसाइल, रॉकेट और गोला-बारूद के लिए 245 मिलियन डॉलर का ऑर्डर मिला था। इन सौदों में मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, एंटी टैंक रॉकेट और गोला-बारूद का अधिग्रहण शामिल था। आर्मेनियाई सेना ने अन्य प्रणालियों के साथ पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (एमबीआरएल) की छह रेजिमेंट की खरीद के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत सौदे के तहत आर्मेनिया को टैंक रोधी रॉकेटों के साथ-साथ गोला-बारूद की एक शृंखला की भी आपूर्ति करेगा। भारत में बना मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम वेरिएंट के आधार पर 75 किमी. तक की रेंज में फायर करने में सक्षम है।

 

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने रिपब्लिक ऑफ आर्मेनिया के रक्षा मंत्री करेन ब्रूटियन के साथ बैठक की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच आपसी फायदे के खास सुरक्षा और क्षेत्रीय मामलों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ रिपब्लिक ऑफ आर्मेनिया के हाई-टेक इंडस्ट्री मिनिस्टर म्खितार हेरापेट्यान से बातचीत की। सीडीएस ने रिपब्लिक ऑफ आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से बातचीत की और बदलते जियोपॉलिटिकल लैंडस्केप और मौजूदा सिक्योरिटी माहौल पर अपने विचार रखे। इस बातचीत में सहयोग के नए मौकों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी बात हुई।------------

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