आईएएस अधिकारी के 'दुर्व्यवहार' पर उमर अब्दुल्ला ने जेएंडके(J &K)मुख्य सचिव को लिखा पत्र, एनसी विधायक बोले- पूर्ण राज्य होता तो कार्रवाई अलग होती
विवेक ओझा श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक आईएएस अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के मामले में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायक तनवीर सादिक ने यह…

विवेक ओझा
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक आईएएस अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के मामले में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायक तनवीर सादिक ने यह जानकारी दी।
तनवीर सादिक के अनुसार, आरोप आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन पर हैं, जिन पर एक आधिकारिक बैठक के दौरान एक अन्य अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। विधायक ने कहा कि इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले में उचित कार्रवाई करने और सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
तनवीर सादिक ने मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर एक पूर्ण राज्य होता, तो आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन को उनके आचरण की औपचारिक जांच लंबित रहने तक सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से संबद्ध कर दिया गया होता। उन्होंने कहा कि यह स्थिति साफ करती है कि केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के दर्जे के कारण प्रशासनिक कार्रवाई में कई तरह की बाधाएं आती हैं।
विधायक ने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बैठक में इस तरह का व्यवहार करना प्रशासनिक अनुशासन को कमजोर करता है। उन्होंने कहा, "अगर जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य होता, तो अधिकारी को तुरंत जीएडी से अटैच कर दिया जाता और जांच शुरू हो जाती। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में प्रक्रिया अलग है।"
एनसी विधायक ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला प्रशासनिक अनुशासन को लेकर बेहद गंभीर हैं और उन्होंने मुख्य सचिव से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक अधिकारियों के आचरण और उनके कामकाज को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने की मांग को लेकर भी राजनीतिक दल लगातार आवाज उठाते रहे हैं। एनसी विधायक का यह बयान उसी मांग को और बल देता है।
फिलहाल, मामले में आधिकारिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में अन्य अधिकारियों के लिए एक मिसाल कायम हो सके।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
कोलकाता: चोरबागान भगदड़ कांड में 7 गिरफ्तार, पूजा आयोजकों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
अभिषेक सिंह कोलकाता: उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को मची भीषण भगदड़ के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल…
हरियाणा के टोहाना में बैटरी फैक्ट्री में भीषण आग, आसमान में छाया धुएं का गुबार; लाखों का सामान जलकर खाक
सरिता त्रिपाठी फतेहाबाद: हरियाणा के टोहाना शहर में रविवार (18 अक्टूबर, 2026) को उस समय हड़कंप मच गया, जब अमानी रोड स्थित एक बैटरी फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और…
'सत्ता को रुतबा नहीं, जिम्मेदारी समझें', नए आईपीएस अधिकारियों को अमित शाह की नसीहत; कहा- प्रचार से दूर रहकर प्रदर्शन से पहचान बनाएं
राघवेंद्र प्रताप सिंह हैदराबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के नए आईपीएस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने पद को रुतबे के बजाय जिम्मेदारी के रूप में देखें। उन्होंने अधिकारियों से प्रचार से दूर रहने…
नशा तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
शिमला : शिमला जिला में चिट्टा तस्करी के एक मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली है। रामपुर पुलिस थाना में दर्ज मामले में आरोपी राजा नेगी निवासी झाकड़ी जिला शिमला की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी के…
