द इंडियन व्यू

'SIR मतदाताओं के लिए खिलाफ नहीं', सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने की अहम टिप्पणी

Supreme Court on SIR: बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को लेकर अहम टिप्पणी की. सुप्रीम…

Ragwendra P Singh
August 13, 2025
3 min read
'SIR मतदाताओं के लिए खिलाफ नहीं', सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने की अहम टिप्पणी

Supreme Court on SIR: बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को लेकर अहम टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, एसआईआर मतदाताओं के खिलाफ नहीं है. शीर्ष अदालत ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में मतदाताओं से मांगे गए दस्तावेजों की संख्या 11 है.

शीर्ष अदालत ने कहा कि मतदाता सूची के सारांश पुनरीक्षण में सिर्फ 7 दस्तावेजों पर ही विचार किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो यह दर्शाता है कि यह एसआईआर मतदाताओं के हक में है. सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों के लिए एक झटका माना जा रहा है. क्योंकि विपक्ष एसआईआर को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है. सोमवार को भी विपक्ष ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया था.

बिहार एसआईआर पर क्या कुछ बोला सुप्रीम कोर्ट
बुधवार को याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध किया. उन्होंने कहा कि एसआईआर के लिए लोग इतने सारे दस्तावेज कहां से लेकर आएंगे. उन्होंने कहा कि बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास सभी दस्तावेज नहीं हैं. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि एसआईआर में 11 दस्तावेज रखे गए हैं. 11 में से मतदाता को सिर्फ एक दस्तावेज देना होगा. इसलिए ये मतदाताओं के खिलाफ नहीं है. अगर उनसे सभी 11 दस्तावेज मांगे जाते तो निश्चित तौर पर ये मतदाताओं के खिलाफ होता.

बिहार में 36 लाख लोगों के पास पासपोर्ट को लेकर क्या बोली शीर्ष अदालत?
इस दौरान बिहार एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट और वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी के बीच जबरदस्त बहस हुई. सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि एसआईआर में पासपोर्ट को रखा गया है. लेकिन पूरे बिहार में सिर्फ 36 लाख पासपोर्ट हैं. इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि, अगर 36 लाख पासपोर्ट बिहार में है तो ये उत्साहवर्धक है.

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बिहार को हमें इस तरह से प्रोजेक्ट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि अखिल भारतीय सेवाओं में आईएएस, आईपीएस और आईपीएस सबसे अधिक इसी राज्य से आते हैं. इसका मतलब साफ है कि वहां की युवा पीढ़ी शिक्षा और आगे बढ़ने के लिए समर्पित है. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि बहुत सारे वैज्ञानिक भी बिहार से आते हैं लेकिन बिहार में बाढ़ क्षेत्र भी है गरीब लोग भी बिहार में हैं. ऐसे में लोगों से ये दस्तावेज नहीं मांगे जाने चाहिए.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

सम्बंधित ख़बरें

योगी सरकार की शादी अनुदान योजना से ओबीसी परिवारों को राहत, 53 हजार से अधिक को मिली सहायता

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक एक लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए 210 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 107.092 करोड़ रुपये की सहायता वितरित पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए सीधे बैंक खाते में मिल रहे…

इजरायल के राष्ट्रपति का विशेष संदेश: कैप्टन स्मित मच्छर को बताया 'पूरी इंसानियत का हीरो'

विवेक ओझा यरुशलम/नई दिल्ली: कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों से परे, कभी-कभी व्यक्तिगत साहस की कहानियां दो देशों को एक अटूट डोर में बांध देती हैं। ऐसा ही एक वाकया सामने आया है, जहां इजरायल के राष्ट्रपति ने भारतीय मूल के…

महा-युद्ध की आहट! पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया भीषण पलटवार, आसमान से बरसाई मौत, 10 बड़े ठिकानों को ड्रोन से किया खाक

विवेक ओझा इस्लामाबाद/काबुल: दक्षिण एशिया में एक बार फिर भयंकर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। सीमा पर चल रही तनातनी अब सीधे तौर पर एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो चुकी है। अपनी आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बुरी…

यूपी पुलिस महकमे में आया भयंकर भूकंप! योगी सरकार का 'महा-एक्शन', एक साथ 18 आईपीएस अफसरों का हुआ ताबड़तोड़ तबादला; मची भारी खलबली

राघवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना सबसे कड़ा 'प्रशासनिक हंटर' चला दिया है। सूबे…