मुख्यमंत्री रहते हुए शादी करने वाले उमर अब्दुल्ला 5वें CM, वीरभद्र सिंह से लेकर भगवंत मान तक लिस्ट में शामिल
उमर अब्दुल्ला की पहली शादी 1994 में पायल नाथ से हुई थी। दोनों ने इंग्लैंड में शादी की थी और यह एक प्रेम विवाह था। दोनों की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में हुई थी, जहां पायल काम करती थीं। पायल सेवानिवृत्त सेना अधिकारी मेजर जनरल रामनाथ की बेटी हैं। उमर और पायल के बीच तलाक की कानूनी प्रक्रिया कई वर्षों तक चली और 31 जुलाई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से दोनों का विवाह समाप्त कर दिया।

सरिता त्रिपाठी/ श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी करके एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वे देश के उन गिने-चुने मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विवाह किया। उमर अब्दुल्ला यह उपलब्धि हासिल करने वाले पांचवें मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले वीरभद्र सिंह, प्रफुल्ल कुमार महंत, एच.डी. कुमारस्वामी और भगवंत मान भी मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए शादी के बंधन में बंध चुके हैं।
उमर अब्दुल्ला का सफर
उमर अब्दुल्ला की पहली शादी 1994 में पायल नाथ से हुई थी। दोनों ने इंग्लैंड में शादी की थी और यह एक प्रेम विवाह था। दोनों की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में हुई थी, जहां पायल काम करती थीं। पायल सेवानिवृत्त सेना अधिकारी मेजर जनरल रामनाथ की बेटी हैं। उमर और पायल के बीच तलाक की कानूनी प्रक्रिया कई वर्षों तक चली और 31 जुलाई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से दोनों का विवाह समाप्त कर दिया।
मुख्यमंत्री रहते हुए शादी करने वाले अन्य नेता
* वीरभद्र सिंह (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह ने नवंबर 1985 में प्रतिभा सिंह से शादी की थी। उनका एक बेटा और चार बेटियां हैं।
* प्रफुल्ल कुमार महंत (असम): असम के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने भी अपने कार्यकाल के दौरान शादी की थी।
* एच.डी. कुमारस्वामी (कर्नाटक): कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 2006 में मुख्यमंत्री रहते हुए शादी की थी।
* भगवंत मान (पंजाब): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 7 जुलाई, 2022 को डॉ. गुरप्रीत कौर से शादी की थी। वे पंजाब के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की।
उमर अब्दुल्ला की शादी ने एक बार फिर से इस चर्चा को हवा दे दी है कि राजनीतिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी नेता अपने निजी जीवन में अहम फैसले ले सकते हैं।
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