लेख
-
शिक्षा ज्ञान परम्परा पर आधारित हो
डॉ. सौरभ मालवीय शिक्षा को लेकर समय-समय पर अनेक प्रश्न उठते रहते हैं जैसे कि शिक्षा पद्धति कैसी होने चाहिए?…
Read More » -
“दास्तान-ए-जान-ए-आलम”: अंग्रेजों के फैलाए भ्रमों और गलतफहमियों का पर्दाफाश…
शाश्वत तिवारी लखनऊ/ नवाब वाजिद अली शाह अवध के आखिरी बादशाह थे, जिनका शासनकाल 1847 से 1856 तक था। वे…
Read More » -
भारतीयता की अनुभूति है कृष्ण जन्माष्टमी
ऋचा सिंह (लेखिका – बेसिक शिक्षा परिषद – कुशीनगर,उत्तर प्रदेश में शिक्षिका है।) त्योहार किसी भी देश एवं उसकी संस्कृति…
Read More » -
राम मंदिर के जरिए साकार हो रहा गोरक्षपीठ का सपना
यह सच का दस्तावेज होता है। ऐसा प्रमाणिक दस्तावेज जिसे कभी झुठलाया नहीं जा सकता। अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि…
Read More » -
प्रभात झा: लोकसंग्रह और संघर्ष से बनी शख्सियत
प्रो. संजय द्विवदी यह नवें दशक के बेहद चमकीले दिन थे। उदारीकरण और भूमंडलीकरण जिंदगी में प्रवेश कर रहे थे।…
Read More » -
साहित्य में मनभावन सावन
डॉ. सौरभ मालवीय। वर्षा ऋतु कवियों की प्रिय ऋतु मानी जाती है। इस ऋतु में सावन मास का महत्व सर्वाधिक…
Read More » -
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का समय
डॉ. सौरभ मालवीय भारत सहित विश्व के अधिकांश देश पर्यावरण संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रीष्मकाल में भयंकर गर्मी…
Read More » -
हिंदू साम्राज्य दिवस पर विशेष : लोकमंगल था शिवाजी के ‘हिंदवी स्वराज’ का शासन मंत्र
प्रो. संजय द्विवदी शिवाजी का नाम आते ही शौर्य और साहस की प्रतिमूर्ति का एहसास होता है। अपने सपनों को…
Read More » -
153 वीं वर्षगांठ(19 जून) पर विशेष : पं.माधवराव सप्रे: हिंदी के विस्मृत महानायक
प्रो. संजय द्विवदी पंडित माधवराव सप्रे, हिंदी पत्रकारिता और साहित्य में लगभग भुला दिए गए महानायक हैं। भारतबोध और भारतीयता…
Read More » -
मध्यप्रदेश में खास रही ‘स्त्री शक्ति’ की भूमिका
प्रो. संजय द्विवदी मध्यप्रदेश में सभी लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त कर भाजपा ने कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी…
Read More »