Maharashtra News/ एकनाथ शिंदे की नाराजगी खत्म करने में कैसे कामयाब हुई बीजेपी?

बीएस राय: महाराष्ट्र की राजनीति में मचे घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक नाराज चल रहे एकनाथ शिंदे को मना लिया गया है. शिंदे अब डिप्टी सीएम का पद संभालेंगे और उन्हें शहरी विकास मंत्रालय दिया जाएगा. मंगलवार देर शाम तक उनके मुंबई लौटने की संभावना है. वहीं, देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने रहेंगे और गृह मंत्रालय उनके पास ही रहेगा.
माना जा रहा था कि शिंदे की नाराजगी गृह मंत्रालय न मिलने की वजह से है. हालांकि, अब उन्होंने इसे लेकर अपनी जिद छोड़ दी है। डिप्टी सीएम पद के साथ ही उन्हें शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दे दी गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश महाजन ने शिंदे से मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर की।
इसे महायुति (एनडीए) की ताकत बताते हुए गिरीश महाजन ने कहा, “शिंदे का दिल बड़ा है, वे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा नहीं करते।” सोमवार देर शाम भाजपा नेता गिरीश महाजन ने ठाणे जाकर एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। मुलाकात करीब सवा घंटे चली।
महाजन ने कहा कि शिंदे पूरी तरह से सहयोगी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि महायुति पांच साल तक मजबूत सरकार चलाएगी।
महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। इस समारोह में 40,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे।
22 राज्यों के मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, लाडली बहनें और महिलाओं के विभिन्न प्रतिनिधि विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर 13 विशेष रूप से डिजाइन किए गए ब्लॉक बनाए जा रहे हैं, जिसमें 2,000 वीवीआईपी पास जारी किए जाएंगे।
मंगलवार को एकनाथ शिंदे वर्षा बंगले में बैठक करेंगे, जिसमें 6 दिसंबर को डॉ. अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। महायुति (भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और अजीत पवार एनसीपी) के नेता एकजुटता दिखाते हुए कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
यह सरकार विकास और सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने का दावा करती है। इस राजनीतिक घटनाक्रम से भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह महाराष्ट्र में सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। शिंदे और फडणवीस की जोड़ी से सरकार की स्थिरता और दक्षता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र की राजनीति में हाल की घटनाएं सत्ता संतुलन और सहयोग के नए उदाहरण पेश करती हैं। शिंदे के उपमुख्यमंत्री बनने और गृह मंत्रालय फडणवीस के पास रहने से यह स्पष्ट हो गया है कि महायुति सरकार अगले पांच वर्षों तक स्थिरता और विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।