भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार: कोलकाता पोर्ट से नेपाल के लिए पहली ‘डायरेक्ट कंटेनर फ्रेट ट्रेन’ रवाना

विवेक ओझा/ कोलकाता: क्षेत्रीय व्यापार और दक्षिण एशियाई देशों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। पश्चिम बंगाल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (कोलकाता पोर्ट) से नेपाल के बीरगंज ड्राई पोर्ट के लिए भारत की पहली ‘डायरेक्ट कंटेनर फ्रेट ट्रेन’ (Direct Container Freight Train) सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस ऐतिहासिक पहल से भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय व्यापार में समय और लागत दोनों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
अब तक नेपाल जाने वाले मालवाहक जहाजों के कंटेनरों को कोलकाता या हल्दिया पोर्ट पर उतारने के बाद ट्रकों या टुकड़ों में चलने वाली मालगाड़ियों के जरिए नेपाल सीमा तक पहुंचाया जाता था, जिससे सामान पहुंचने में कई दिनों का विलंब होता था और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी काफी बढ़ जाती थी। लेकिन इस डायरेक्ट फ्रेट ट्रेन सेवा के शुरू होने से अब कंटेनर सीधे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके बीरगंज कस्टम यार्ड तक बिना किसी अतिरिक्त रुकावट के पहुंच सकेंगे।
भारतीय रेलवे और सीमा शुल्क विभाग (Customs) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बताया कि इस ट्रेन में आधुनिक डिजिटल सीलिंग और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे माल की सुरक्षा शत-प्रतिशत सुनिश्चित होगी। नेपाल के व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों ने भारत सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और इसे दोनों पड़ोसी देशों के बीच आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला मील का पत्थर बताया है।



