प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार: लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल 2026’ ध्वनि मत से पारित

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: आज लोकसभा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं, उसे देखते हुए यह बिल बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका सीधा असर यूपीएससी, एसएससी, बैंक पीओ, पुलिस भर्ती और राज्य स्तरीय पीसीएस जैसी परीक्षाओं की दिन-रात तैयारी कर रहे करोड़ों छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा।
नए विधेयक के तहत पेपर लीक, प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने, या परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर सिस्टम हैक करने जैसे अनुचित साधनों में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ बेहद कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। अब ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का कड़ा नियम लागू किया गया है। इसके अलावा, यदि कोई परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी या सेवा प्रदाता (सर्विस प्रोवाइडर) मिलीभगत में शामिल पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ परीक्षा का पूरा खर्च भी उसी से वसूला जाएगा।
सदन में चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कानून का उद्देश्य छात्रों को डराना नहीं, बल्कि उन माफियाओं और सिंडिकेट्स की कमर तोड़ना है जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईमानदार छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बिल के पास होने से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में होने वाली सभी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सकेंगी, जिससे वास्तविक प्रतिभाओं को उनका सही हक मिल सकेगा।



