रक्षा क्षेत्र में ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा: राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (ICG) में जेंडर इक्वलिटी (लैंगिक समानता) के लिए किए ऐतिहासिक सुधार

पल्लवी श्रीवास्तव
नई दिल्ली

भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाने की दिशा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) में ‘जेंडर इक्वलिटी’ (लैंगिक समानता) को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े और दूरगामी सुधारों का अनावरण किया है। इन सुधारों के बाद अब महिला अधिकारी तटरक्षक बल में केवल सीमित भूमिकाओं तक सिमट कर नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें स्थायी कमीशन और प्रमुख परिचालन (Operational) जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी।

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस नए सुधार के तहत महिला अधिकारियों को अब जहाजों पर कॉम्बैट और समुद्री निगरानी मिशनों का नेतृत्व करने के समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे पहले, महिलाओं को मुख्य रूप से ग्राउंड ड्यूटी, लॉजिस्टिक्स या एविएशन के कुछ गैर-लड़ाकू क्षेत्रों तक सीमित रखा जाता था। सुप्रीम कोर्ट के पिछले कुछ अहम फैसलों के बाद, नौसेना और थल सेना में भी महिलाओं को स्थायी कमीशन (Permanent Commission) दिया जा रहा है, और अब तटरक्षक बल में भी इसे पूरी तरह से लागू किया जा रहा है।

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्री सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं है। उन्होंने कहा, “जब हम एक विकसित और सुरक्षित भारत की कल्पना करते हैं, तो उसमें ‘नारी शक्ति’ की पूर्ण भागीदारी अनिवार्य है।” इन सुधारों के तहत तटरक्षक बल के बुनियादी ढांचे (जैसे जहाजों पर महिला अधिकारियों के लिए अलग क्रू कैबिन और सुविधाएं) में भी तेजी से बदलाव किए जा रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों ने इसे देश की समुद्री सुरक्षा को अधिक समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक मास्टरस्ट्रोक बताया है।

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