Trending

टीएमसी (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा में अमर्यादित आचरण के लिए मॉनसून सत्र के बाकी बचे दिनों के लिए सदन से किया गया निलंबित

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र 2026 के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहा टकराव अब एक नए चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार को लोकसभा में एक भारी हंगामे के बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी को उनके ‘अत्यधिक अमर्यादित और असंसदीय आचरण’ के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मॉनसून सत्र के बाकी बचे दिनों के लिए सदन से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट (Walkout) कर दिया और सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।

सदन में क्या हुआ था?

संसदीय सूत्रों के अनुसार, घटना दोपहर करीब 12 बजे की है जब सदन में नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा था। इसी दौरान कल्याण बनर्जी बेल (Well) में आ गए और अध्यक्ष के आसन की ओर देखते हुए जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। आरोप है कि जब अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीट पर जाने की चेतावनी दी, तो उन्होंने कुछ कागजात फाड़कर आसन की ओर उछाल दिए और अध्यक्ष पीठ (Chair) के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

संसदीय कार्य मंत्री ने पेश किया प्रस्ताव

सांसद के इस आचरण को लोकसभा अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया और इसे संसदीय गरिमा का घोर उल्लंघन बताया। तुरंत बाद, संसदीय कार्य मंत्री ने नियम 374 के तहत कल्याण बनर्जी को सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत (Voice Vote) से पारित कर दिया गया। अध्यक्ष ने मार्शल को निर्देश दिया कि वे निलंबित सांसद को सदन से बाहर ले जाएं।

टीएमसी और विपक्ष की प्रतिक्रिया

कल्याण बनर्जी के निलंबन पर तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। टीएमसी संसदीय दल के नेता ने संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकार निलंबन को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। हमारे सांसद सिर्फ देश के छात्रों के हक की मांग कर रहे थे।” वहीं सरकार का स्पष्ट कहना है कि संसद बहस का मंच है, हुड़दंग और पीठासीन अधिकारी का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button