Trending

रोहित का करारा जवाब बेकार, डकेट के रिकॉर्ड शतक से इंग्लैंड ने जीती वनडे सीरीज

रोहित शर्मा ने 138 रन की आक्रामक पारी खेल कर आलोचकों को करार जवाब दिया, उनकी शानदार बल्लेबाजी के बावजूद लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में भारत को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा।

इंग्लैंड ने इसके साथ ही तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। इंग्लैंड ने बेन डकेट के करियर के सर्वश्रेष्ठ 141 रन और जैकब बेथेल के 91 रन से पहले बल्लेबाजी करते हुए 387 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने रोहित शर्मा के 138 रन, शुभमन गिल के 77 और विराट कोहली के 74 रन से 360 रन बनाए।

इंग्लैंड की जीत में पूर्व कप्तान जोस बटलर की आखिरी ओवरों में खेली गई नाबाद 41 रन की तूफानी पारी निर्णायक साबित हुई। उनकी इस पारी से इंग्लैंड ने अंतिम पांच ओवरों में 82 रन जुटाए। रोहित के लिए यह मुकाबला बेहद अहम था।

© ECB/Getty Images

चयनकर्ताओं और मुख्य कोच द्वारा भविष्य की योजनाओं में उनसे आगे बढ़ने की चर्चाओं के बीच 39 वर्षीय पूर्व कप्तान पर काफी दबाव था। वह लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत को श्रृंखला जिताने और अपनी विरासत को बचाने की चुनौती के साथ उतरे थे।

रोहित ने अपना 34वां वनडे शतक पूरा करने के बाद न तो बल्ला उठाकर जश्न मनाया और न ही लॉर्ड्स के ‘मेंबर्स’ बालकनी से मिली तालियों का अभिवादन किया। उनकी 138 रन की पारी में संघर्ष, और जज्बा साफ दिखाई दिया। इंग्लैंड में उनका यह आखिरी वनडे मुकाबला था और आने वाले समय में लोग इसे एक अनुभवी खिलाड़ी के साहसिक संघर्ष के रूप में याद करेंगे।

रोहित ने कप्तान शुभमन गिल के साथ 147 रन और अपने पुराने साथी विराट कोहली के साथ 113 रन की साझेदारी कर भारत की जीत की उम्मीदें जगा दी थीं। उनकी पारी में 17 चौके और पांच छक्के शामिल रहे, जिनमें से तीन छक्के जोश टंग पर लगाए गए। उन्होंने सैम कुरन की गेंद पर भी शानदार पुल शॉट से छक्का लगाया।

© Getty Images

सैम कुरन ने चार विकेट लिए और इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित कर दी। अंतिम ओवरों में उनकी धीमी गति की गेंदों का भारत के बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने सात गेंदों के अंदर इशान किशन, श्रेयस अय्यर और विराट कोहली के विकेट लेकर मुकाबले का रुख बदल दिया।

इंग्लैंड के लिए बल्ले से योगदान देने के बाद बेथल ने बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से अहम योगदान दिया। उन्होंने एक विकेट लिया। भारत से अक्षर पटेल अकेले विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में खेले जिससे कुलदीप यादव को एकादश से बाहर रखने की योजना पर सवाल उठे।

श्रृंखला गंवाने के बावजूद यह तय माना जा रहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा बने रहेंगे। भारत को मैच से पहले ही बड़ा झटका लगा, जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने में लगी चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। उनकी अनुपस्थिति भारतीय टीम को भारी पड़ी और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया।

© Getty Images

इस मैच में खेल रहे भारत के चार तेज गेंदबाजों प्रसिद्ध कृष्णा (दो विकेट), अर्शदीप सिंह (10 ओवर में 72 रन), प्रिंस यादव (एक विकेट) और गुरनूर बराड़ (10 ओवर में 97 रन) के संयुक्त खाते में महज 51 एकदिवसीय मैचों का अनुभव था। अनुभव और धार की कमी के कारण वे शानदार लय में बल्लेबाजी कर रही इंग्लैंड की टीम पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

डकेट और बेथेल (91 रन) ने अपनी योजना और शानदार बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। शुरुआती 10 ओवर के पावरप्ले में इंग्लैंड ने 58 रन बनाए, लेकिन 11वें से 30वें ओवर के बीच दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और तेजी से रन बटोरे।

दोनों की 192 रन की साझेदारी भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी बन गयी। डकेट ने इसके साथ ही ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर वनडे की सबसे बड़ी पारी के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स (इंग्लैंड के खिलाफ 1979 में नाबाद 138 रन) के 47 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।

इंग्लैंड की पारी में डकेट ने एक छक्के के साथ 18 चौके लगाए, जबकि बेथेल ने 11 चौके और दो छक्का जड़ा। जो रूट ने भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए नाबाद 74 रन बनाए और तीनों मैचों में अर्धशतक लगाने का कारनामा किया। बटलर की तेजतर्रार पारी ने स्कोर को 350 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

भारतीय गेंदबाजों की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। लॉर्ड्स की पिच की ढलान पर गेंदबाजी कर रहे युवा प्रिंस पनी लाइन और लेंथ से जूझते दिखे। अर्शदीप भी लय में नहीं दिखे, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने कुछ मौकों पर बेथेल को परेशान किया, लेकिन अतिरिक्त रन देने से नहीं बच सके।

बेथेल ने 51 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इंग्लैंड ने 16वें ओवर तक 100 रन पूरे कर लिए। उस समय तक भारतीय गेंदबाज 15 चौके दे चुके थे और उनकी लाइन-लेंथ बेहद कमजोर नजर आ रही थी। पूरे मैच में भारतीय गेंदबाजों ने कुल 42 चौके और छह छक्के दिए।

Related Articles

Back to top button