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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: प्रदेश के टीयर-2 शहरों में युवाओं के लिए 10 नए आईटी और एआई पार्क स्थापित किए जाएंगे राघवेंद्र प्रताप सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को भारत का प्रमुख टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि राज्य के 10 टीयर-2 शहरों (Tier-2 Cities) में अत्याधुनिक ‘आईटी (IT) और एआई (AI) पार्क’ स्थापित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के टैलेंटेड युवाओं को उनके गृह नगर के पास ही विश्वस्तरीय रोजगार के अवसर प्रदान करना और ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) को रोकना है।

अभी तक उत्तर प्रदेश में आईटी सेक्टर मुख्य रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा (NCR क्षेत्र) तक ही सीमित था। लेकिन नई नीति के तहत सरकार का फोकस अब राज्य के अन्य प्रमुख शहरों जैसे गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, बरेली, मेरठ, प्रयागराज, कानपुर, झांसी, मुरादाबाद और अलीगढ़ पर है। इन शहरों में स्थापित होने वाले इन पार्कों में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डाटा सेंटर, मशीन लर्निंग (Machine Learning) और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर आधारित स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया जाएगा।

योजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार, राज्य सरकार इन पार्कों में प्लग-एंड-प्ले (Plug-and-Play) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगी, जिसका अर्थ है कि कंपनियों को केवल अपने कंप्यूटर और टीम लानी होगी, बाकी सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे 24×7 बिजली, हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट, और सुरक्षा सरकार द्वारा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने जमीन खरीद, स्टांप ड्यूटी और बिजली बिलों में भारी सब्सिडी (Capital Subsidy) देने की भी घोषणा की है।

इस कदम से राज्य की अर्थव्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन 10 पार्कों के पूरी तरह से चालू होने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे। राज्य के इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के छात्रों को अब नौकरी की तलाश में बेंगलुरु, पुणे या हैदराबाद जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। वे अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए काम कर सकेंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन एआई पार्कों को स्थानीय विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिल सके। उत्तर प्रदेश सरकार का यह ‘विकेंद्रीकृत विकास’ (Decentralized Development) का मॉडल न केवल राज्य की जीडीपी (GDP) को एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगा, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक बेहतरीन केस स्टडी साबित होगा।

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