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गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई

डासना में 25 करोड़ की सरकारी जमीन पर बना अवैध मदरसा ध्वस्त, भारी सुरक्षा बल तैनात

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने डासना इलाके में एक बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने एंटी-भूमाफिया अभियान के तहत डासना में स्थित करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया है। इस जमीन पर बिना किसी कानूनी अनुमति और मानचित्र के अवैध रूप से निर्मित किए गए एक मदरसे और कुछ अन्य पक्के निर्माणों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

डासना बुलडोजर एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी

गाजियाबाद जिला प्रशासन को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि डासना के वार्ड संख्या-6 में सरकारी नजूल भूमि और तालाब की जमीन पर कुछ स्थानीय रसूखदारों ने अवैध कब्जा कर रखा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस 2 एकड़ से अधिक की कीमती भूमि पर अवैध रूप से एक बहुमंजिला मदरसे की इमारत और कुछ दुकानें खड़ी कर दी गई थीं। नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम ने भूमि का सटीक पैमाइश (माप) करने के बाद संबंधित पक्ष को खाली करने के लिए कई कानूनी नोटिस जारी किए थे। नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो गुरुवार सुबह तड़के ही तीन थानों की पुलिस और पीएसी (PAC) बल के साथ प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

विरोध के बीच तीन घंटे चला ध्वस्तीकरण अभियान

बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों और कुछ धार्मिक संगठनों ने इसका विरोध करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन को शैक्षणिक परिसर पर कार्रवाई करने से पहले और समय देना चाहिए था। हालांकि, मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी और विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। करीब तीन घंटे तक चले इस कड़े अभियान में तीन जेसीबी (JCB) और बुलडोजर मशीनों की मदद से पूरे अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया गया।

> “यह पूरी तरह से एक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई है। सरकारी जमीन, विशेषकर जल निकायों (तालाबों) और नजूल की भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध धार्मिक या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। सर्वोच्च न्यायालय के कड़े निर्देश हैं कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। आज मुक्त कराई गई जमीन की बाजार में अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक है।”
> — वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, गाजियाबाद

आम जनता और कानून-व्यवस्था पर क्या होगा असर?

डासना में हुए इस बड़े बुलडोजर एक्शन के बाद से ही पूरे गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में राजनीतिक और सामाजिक विमर्श तेज हो गया है:

* अतिक्रमणकारियों में दहशत: इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के अन्य हिस्सों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के बीच भारी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिनों में अन्य इलाकों में भी ऐसी ही कार्रवाई होगी।
* सुरक्षा और कानून-व्यवस्था: एहतियात के तौर पर डासना और संवेदनशील चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नज़र रखने के लिए गाजियाबाद पुलिस की साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।
* स्थानीय जनता की मिश्रित प्रतिक्रिया: कुछ लोगों ने सरकारी जमीनों और तालाबों को मुक्त कराने के फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ स्थानीय निवासियों का मानना है कि बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए इमारत को सील करने जैसी वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी।

निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई (Next Steps)

गाजियाबाद के डासना में किया गया यह बुलडोजर एक्शन उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति का हिस्सा है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा।

आगे की विधिक प्रक्रिया के तहत, गाजियाबाद नगर निगम ने इस अवैध निर्माण को कराने वाले मुख्य आरोपियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट (PDPP Act) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने का फैसला किया है। साथ ही, ध्वस्त किए गए मलबे और इस पूरे अभियान में आए प्रशासनिक खर्च की वसूली भी भू-माफियाओं की संपत्तियों को कुर्क करके की जाएगी। प्रशासन ने उक्त भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाकर इसे पार्क या सरकारी कार्यालय के लिए आरक्षित करने की योजना बनाई है।

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