गुजरात में ड्रग्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक
गुप्त फैक्ट्री से 75 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन (MD) जब्त, मुंबई से दबोचा गया मास्टरमाइंड

गुजरात को नशामुक्त बनाने और युवाओं को ड्रग्स के जाल से बचाने के अभियान में गुजरात पुलिस की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और स्थानीय नारकोटिक्स कंट्रोल टीम को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एक गुप्त और बेहद सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई संयुक्त छापेमारी में पुलिस ने गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र में चल रही एक अवैध ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 75 करोड़ रुपये की कीमत वाली भारी मात्रा में मेफेड्रोन (एमडी ड्रग) और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा केमिकल रॉ-मटेरियल जब्त किया गया है। इस सनसनीखेज मामले के तार सीधे तौर पर वित्तीय राजधानी मुंबई से जुड़े हैं, जहां एक समानांतर ऑपरेशन चलाकर इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पूरी एटीएस टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध ड्रग फैक्ट्री एक वैध फार्मास्युटिकल या केमिकल यूनिट की आड़ में चलाई जा रही थी ताकि किसी को भनक न लग सके। फैक्ट्री के भीतर अत्याधुनिक लैब उपकरण और रिफाइनरी मशीनें लगाई गई थीं, जहां सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही थीं। छापेमारी के वक्त मौके से भारी मात्रा में तैयार माल के साथ-साथ करीब 150 किलोग्राम से अधिक का प्रतिबंधित केमिकल भी बरामद हुआ, जिससे कई सौ करोड़ रुपये की ड्रग्स और बनाई जा सकती थी। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री मैनेजर और तीन मुख्य ऑपरेटरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पकड़े गए आरोपियों से मिली शुरुआती लीड के आधार पर गुजरात पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर मुंबई के एक पॉश इलाके में रेड की। वहां से इस पूरे काले कारोबार के मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मास्टरमाइंड मुंबई और गुजरात के विभिन्न बंदरगाहों और सड़क मार्गों के जरिए इस ड्रग्स की खेप को देश के अन्य महानगरों जैसे दिल्ली, बेंगलुरु और गोवा की रेव पार्टियों (Rave Parties) और कॉलेज छात्रों तक सप्लाई करने का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था। वह मुंबई में बैठकर वित्तीय लेनदेन और व्हाट्सएप तथा अन्य एन्क्रिप्टेड कॉलिंग ऐप्स के जरिए इस पूरी फैक्ट्री की गतिविधियों को रिमोटली कंट्रोल कर रहा था।
इस बड़ी कामयाबी के बाद गुजरात के गृह विभाग ने साफ कर दिया है कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और निर्माण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति जारी रहेगी। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क को चलाने के लिए फंडिंग कहां से आ रही थी और क्या इस रैकेट के तार किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट या अंडरवर्ल्ड से तो नहीं जुड़े हैं। मास्टरमाइंड को ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाया जा रहा है, जहां कोर्ट में पेश कर उसकी अधिकतम पुलिस कस्टडी मांगी जाएगी ताकि इस चेन से जुड़े अन्य तस्करों और पेडलर्स के नामों का भी खुलासा किया जा सके।



