यूक्रेन में महाविनाश: रूसी सेना ने कीव पर दागी 90 मिसाइलें और 60 ड्रोन
हाइपरसोनिक हमलों से दहला पूरा यूरोप

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने अब एक बेहद खौफनाक और प्रलयंकारी रूप धारण कर लिया है। बीती रात रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हवाई हमला किया। रूस ने एक साथ 90 घातक मिसाइलों (जिनमें अजेय मानी जाने वाली हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं) और 60 कामिकाजे ड्रोनों से कीव को निशाना बनाया। इस महा-हमले ने यूक्रेन के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है और पूरे पश्चिमी जगत में भारी दहशत पैदा कर दी है।
ढाई साल से अधिक समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में बीती रात सबसे खौफनाक रातों में से एक साबित हुई। पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार दिए जाने की सुगबुगाहट के बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश पर रूसी वायुसेना और नौसेना ने कीव पर आग का गोला बरसा दिया। यह हमला इतना व्यापक और अचानक था कि राजधानी कीव के निवासियों को बंकरों में छिपने तक का पूरा समय नहीं मिल सका।
हाइपरसोनिक मिसाइलों (Kinzhal) का अचूक प्रहार
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूस ने इस हमले में ‘किंजल’ (Kinzhal) और ‘जिरकोन’ (Zircon) जैसी अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इन मिसाइलों की गति ध्वनि की गति से 10 गुना अधिक होती है, जिसके कारण दुनिया की कोई भी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) इन्हें आसानी से बीच हवा में मार नहीं गिरा सकती। 90 मिसाइलों की इस बौछार के साथ-साथ रूस ने 60 ‘शाहेद’ (Shahed) आत्मघाती ड्रोन भी एक साथ दागे, ताकि यूक्रेन के रडार सिस्टम को भ्रमित किया जा सके।
ऊर्जा ग्रिड और सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
इस भीषण बमबारी का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन के बचे हुए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Infrastructure), विशेषकर ऊर्जा ग्रिड (Energy Grid) और कमांड सेंटरों को नष्ट करना था। कीव के कई प्रमुख बिजली संयंत्रों और पानी की आपूर्ति करने वाले स्टेशनों पर मिसाइलें गिरी हैं, जिसके परिणामस्वरूप आधी से अधिक राजधानी भयंकर अंधेरे में डूब गई है। इसके अलावा, कई आवासीय इमारतों के भी मलबे में तब्दील होने की खबर है, जिसमें भारी जानमाल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
विफल साबित हुए पश्चिमी एयर डिफेंस सिस्टम
इस हमले ने अमेरिका और नाटो (NATO) देशों द्वारा यूक्रेन को दिए गए ‘पैट्रियट’ (Patriot) वायु रक्षा प्रणालियों की क्षमता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 150 से अधिक हवा में उड़ते हथियारों (मिसाइल और ड्रोन) के इस विशाल झुंड (Swarm) के सामने यूक्रेन का सुरक्षा कवच पूरी तरह से चरमरा गया। हालांकि यूक्रेनी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने कुछ ड्रोनों को मार गिराया है, लेकिन हाइपरसोनिक मिसाइलों ने अपने लक्ष्य को सटीकता से भेदा है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और तीसरे विश्व युद्ध का साया
इस अभूतपूर्व हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) ने आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि रूस ने यह हमला पश्चिमी देशों को यह स्पष्ट संदेश देने के लिए किया है कि यदि उन्होंने यूक्रेन के समर्थन में अपनी सीमाएं पार कीं, तो मास्को किसी भी स्तर तक जाने से पीछे नहीं हटेगा। कीव के आसमान पर छाई इस तबाही ने कूटनीतिक वार्ताओं की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।



