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जिनेवा में द्विपक्षीय बैठक, भारत महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर दुनिया को देगा मार्गदर्शन

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान जिनेवा में महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य के लिए दुनिया का सबसे बड़ा गठबंधन (पीएमएनसीएच) की बोर्ड चेयर हेलन क्लार्क के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में भारत ने महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत 2005 से पीएमएनसीएच के साथ जुड़ा है और वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडे में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि भारत पीएमएनसीएच में वाइस चेयर और स्टैंडिंग कमेटी के चेयर के रूप में सक्रिय नेतृत्व निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से प्रतिवर्ष 20 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि जारी रखने की प्रक्रिया चल रही है।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “भारत नवाचार और बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अग्रणी रहा है। हमने महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को हमेशा प्राथमिकता दी है।”

 

उन्होंने जानकारी दी कि भारत उन शुरुआती देशों में था जिसने वर्ष 2014 में किशोरों के लिए समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्तर पर युवाओं तक पहुंच बना रहा है।

 

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में वैश्विक औसत से तेज गिरावट दर्ज की है।

 

उन्होंने कहा कि भारत के पास कई सफल और वैज्ञानिक आधार वाली स्वास्थ्य योजनाएं हैं, जिन्हें दुनिया के अन्य देशों के साथ साझा किया जा सकता है। भारत तकनीकी सहयोग और डिजिटल हेल्थ संसाधनों के जरिए अन्य देशों की मदद के लिए तैयार है।

 

बैठक के दौरान नड्डा ने “वसुधैव कुटुंबकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयासों में विश्वास रखता है।

 

हेलन क्लार्क ने वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका और योगदान की सराहना की।

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