एमएस धोनी और सीएसके: आईपीएल 2026 में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ या फुल-टाइम हीरो?”
एमएस धोनी का आईपीएल 2026 में हिस्सा लेना फैंस के लिए सबसे बड़ी उत्सुकता का विषय है। सवाल उठता है कि क्या यह उनके करियर का आखिरी आईपीएल सीजन होगा? 7 जुलाई को 45 साल के होने वाले धोनी अब 44 वर्ष के हैं, और उम्र को देखते हुए यह कयास लगाना गलत नहीं होगा कि यह शायद उनका अंतिम सीजन हो सकता है।
वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स इस समय बदलाव की प्रक्रिया से गुजर रही है। संजू सैमसन के टीम में शामिल होने के बाद, धोनी अपनी कुछ जिम्मेदारियां उन्हें सौंप सकते हैं। खासतौर पर विकेटकीपिंग के जिम्मे। बैटिंग पोजिशन को लेकर भी सवाल खड़े हैं।
धोनी हमेशा टीम के लिए इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका निभाते आए हैं, लेकिन इस बार यह स्पष्ट नहीं है कि वह सिर्फ़ ‘इम्पैक्ट लिस्ट’ में रहेंगे या टीम के इलेवन में नियमित खेलेंगे। पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने इस विचार से सहमति नहीं जताई।

उन्होंने कहा, “मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि धोनी को केवल ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ ही माना जाए। अगर वह टीम में हैं, तो उन्हें खेलना ही होगा। अगर वह नहीं खेलना चाहते, तो पूरे सीजन का खेल छोड़ दें।”
अश्विन ने आगे कहा कि सीएसके की प्लेइंग इलेवेन में धोनी का होना किसी बहस का विषय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “धोनी पिछले तीन महीनों से प्रैक्टिस कर रहे हैं और यह स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि मैं खेलना चाहता हूं। उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं कि आप नहीं खेल सकते।”
जहां तक बैटिंग की बात है, धोनी किसी भी स्थिति में टीम के लिए योगदान देने को तैयार हैं। हालांकि, नंबर छह के बैटर के रूप में उन्हें सीमित करना उचित नहीं होगा। अश्विन के अनुसार, धोनी दोहरी भूमिका निभा सकते हैं – विकेटकीपिंग और फील्डिंग के साथ-साथ ऋतुराज को मार्गदर्शन देना।
पिछले साल की तरह, धोनी की योजना शायद यही होगी कि वे अंतिम तीन ओवरों में आते हुए मैच का निर्णायक प्रभाव डालें। लेकिन अगर टॉप ऑर्डर रन बनाने में सफल नहीं होता, तो उन्हें ऊपर आना पड़ सकता है। इस बार सीएसके ने टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया है, जिससे संभावना है कि धोनी केवल 14 मैचों में से 3-4 मैचों में ही ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करेंगे या सिर्फ़ आखिरी ओवरों में आकर टीम को मैच जिताने का प्रयास करेंगे।



