रणजी फाइनल में जम्मू-कश्मीर हावी, नबी के आगे कर्नाटक का शीर्ष क्रम ढेर
जम्मू-कश्मीर ने तेज़ गेंदबाज औकिब नबी की धारदार गेंदबाजी के दम पर कर्नाटक के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया और गुरुवार को तीसरे दिन मयंक अग्रवाल के नाबाद शतक के बावजूद अपनी पहली पारी में मेजबान टीम का स्कोर पाँच विकेट पर 220 रन तक पहुँचाकर अपना दबदबा बनाए रखा।
दिन के खेल के अंत तक अग्रवाल 130 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि विकेटकीपर कृतिक कृष्णा 27 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। कर्नाटक टीम अब भी पहली पारी के आधार पर मेहमान टीम से 364 रन पीछे है।
नबी ने जम्मू-कश्मीर के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 14 ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट चटकाए। जम्मू कश्मीर ने शुभम पुंडीर के 121 रन से अपने पहले रणजी फाइनल में पहली पारी में 584 रन का बड़ा स्कोर बनाया था।
क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ 12 विकेट झटकने वाले 28 साल के नबी ने पूरे सत्र में टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया और मौजूदा सत्र में उनके विकेटों की संख्या 58 हो गई है, जो उत्तराखंड के स्पिनर मयंक मिश्रा के 59 विकेट से केवल एक कम है।

टीम इंडिया में जगह बनाने का दावा पेश कर रहे नबी ने केएल राहुल (13) को जल्दी आउट करके कर्नाटक को बड़ा झटका दिया।नबी ने देर से मिली मूवमेंट से भारत के टेस्ट स्टार राहुल को पूरी तरह से चौंका दिया और गेंद बल्ले के किनारे से लगकर विकेटकीपर कन्हैया वधावन के हाथों में चली गई। मैदानी अंपायर रोहन पंडित ने उन्हें आउट नहीं दिया, लेकिन डीआरएस लेने पर उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा।
नबी ने दूसरे सत्र में दो गेंदों पर दो विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जबकि उससे पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुनील कुमार ने कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल (11) को आउट किया। पडिक्कल ने अच्छा फुटवर्क नहीं दिखाया और सुनील की गेंद पर स्लिप में अब्दुल समद को कैच दे बैठे। दो विकेट गिरने के बावजूद अग्रवाल ने कुछ आकर्षक शॉट खेले।
नबी ने भारत के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी करुण नायर (00) को अंदर आती गेंद पर बोल्ड किया और फिर अगली ही गेंद पर फॉर्म में चल रहे स्मरण रविचंद्रन (00) को विकेटकीपर के हाथों कैच करा दिया, जिससे कर्नाटक का स्कोर 18 ओवर में चार विकेट पर 57 रन हो गया।
श्रेयस गोपाल (27) हैट्रिक गेंद पर बच गए, जो तेजी से स्विंग होते हुए उनके पैड पर लगी। गोपाल और अग्रवाल ने पांचवें विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी करके टीम को संभाला। युद्धवीर सिंह ने गोपाल को पगबाधा करके इस साझेदारी को तोड़ा।
अग्रवाल को 124 रन पर जीवनदान मिला। उन्होंने कृष्णा के साथ छठे विकेट के लिए 58 रन की अटूट साझेदारी करके पारी को संवारा। इससे पहले पुंडीर के शतक और यावर हसन (88), कप्तान पारस डोगरा (70), अब्दुल समद (61), वधावन (70) और साहिल लोत्रा (72) के अर्धशतकों से जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाया।
कर्नाटक के लिए प्रसिद्ध कृष्णा सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 34.1 ओवर में 98 रन देकर पांच विकेट चटकाए। जम्मू-कश्मीर ने तीसरे दिन का खेल छह विकेट पर 527 रन से शुरू किया। लोत्रा और आबिद मुश्ताक ने पारी को आगे बढ़ाया।



