छक्का मारने की जल्दबाज़ी छोड़ो, गावस्कर ने अभिषेक को दिया गुरुमंत्र
पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा एक्सपर्ट सुनील गावस्कर ने अभिषेक शर्मा के टी20 वर्ल्ड कप में लगातार नाकामी को सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि मानसिक चुनौती के रूप में देखा है। अभिषेक ने टी20 वर्ल्ड कप में अब तक तीन मैच खेले हैं और तीनों बार वह 0 पर आउट हुए हैं।
ग्रुप स्टेज में जहां खिलाड़ी 150-200 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं, वहीं अभिषेक पहले रन को तरसे हैं। अब उनका खाता सीधा सुपर-8 में ही खुलेगा। गावस्कर का मानना है कि यह सिर्फ खराब फॉर्म का मामला नहीं, बल्कि बढ़ती उम्मीदों का दबाव है जिसने उनके खेल की नैसर्गिक लय को प्रभावित किया है।
अभिषेक शर्मा से हर कोई पहली गेंद पर सिक्स लगाने की उम्मीद करता है। यही वजह है कि वह शुरुआत में ही बड़ा शॉट खेलते हुए आउट हो रहे हैं।
गावस्कर ने कहा, “शायद उम्मीदें उस पर थोड़ी ज़्यादा भारी पड़ रही हैं। वह एक प्यारा लड़का है। अगर उसे पहले गेम में अच्छी शुरुआत मिली होती, तो शायद चीज़ें अलग होतीं। लेकिन अब, आप महसूस कर सकते हैं कि बड़ा खिलाड़ी, छक्के मारने वाला, टीम का नंबर 1 बैटर बनने की उम्मीदें उस पर भारी पड़ रही हैं।”

गावस्कर की सलाह में अनुभव की झलक साफ दिखती है। उन्होंने अभिषेक शर्मा को पिच पर ज्यादा समय बिताने को कहा है और साथ ही यह भी हिदायत दी कि वह शुरुआत में बड़ा शॉट मारने की ना सोचें। उनका मानना है कि टी20 जैसे फॉर्मेट में भी धैर्य की उतनी ही अहम भूमिका है जितनी आक्रामकता की। अगर दो-चार डॉट बॉल भी हो जाती हैं तो बाद में इसकी भरपाई की जा सकती है।
गावस्कर ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि उसके पास जितने तरह के शॉट्स हैं, उसे देखते हुए उसे बीच में खुद को थोड़ा और समय देना होगा।
अपनी पारी की शुरुआत बाउंड्री या छक्के से करने की नहीं सोचनी चाहिए। अगर वह ऐसा कर लेता है, तो ठीक है – लेकिन बड़े शॉट के लिए लाइन के पार खेलने की नहीं। अगर चार डॉट बॉल भी हों, तो कोई बात नहीं क्योंकि अगली चार से आठ गेंदों में वह इसकी भरपाई कर सकता है।”



