पैरालंपिक में रूस-बेलारूस के झंडों को मंजूरी पर यूक्रेन नाराज, अधिकारियों के बहिष्कार का ऐलान

मिलान : यूक्रेन ने 2026 के शीतकालीन पैरालंपिक में रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को उनके राष्ट्रीय झंडों के साथ प्रतिस्पर्धा की अनुमति देने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। यूक्रेनी सरकार ने घोषणा की है कि उसके अधिकारी 2026 शीतकालीन पैरालिम्पिक्स में शामिल नहीं होंगे। यह कदम अंतरराष्ट्रीय पैरालिम्पिक्स कमिटी (आईपीसी) के हालिया निर्णय के विरोध में उठाया गया है।
यूक्रेन के खेल मंत्री मात्वी बिडनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ भाग लेने देना “अस्वीकार्य” है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेनी अधिकारी न सिर्फ खेलों से दूर रहेंगे, बल्कि आईपीसी से जुड़े अन्य आयोजनों का भी बहिष्कार करेंगे।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक रूस का यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी है, तब तक “आक्रामक देशों के झंडों को खेलों में जगह देना नैतिक और राजनीतिक रूप से गलत” है।
यूरोपीय संघ की ओर से भी समर्थन देखने को मिला। खेल, संस्कृति और युवा मामलों के यूरोपीय आयुक्त ग्लेन मिकालेफ ने आईपीसी के फैसले को अस्वीकार्य बताते हुए उद्घाटन समारोह में शामिल न होने की बात कही। हालांकि उन्होंने खिलाड़ियों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि उनका विरोध सिद्धांतों के आधार पर है, खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं।
गौरतलब है कि यह पहला मौका होगा जब रूस का झंडा पैरालंपिक में दिखाई देगा, क्योंकि इससे पहले उसे 2014 शीतकालीन पैरालिम्पिक्स के बाद प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था। वहीं बेलारूस और रूस के खिलाड़ी ओलंपिक में अब भी तटस्थ ध्वज के तहत भाग लेते रहे हैं।
यूक्रेन ने संकेत दिया है कि वह अपने विरोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी रखेगा और समान विचार वाले देशों से समर्थन की अपील करेगा।
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