“नौ विकेट नबी के, छक्का वंशज का… जम्मू-कश्मीर ने रणजी फाइनल में इंट्री से रचा इतिहास
बुधवार को जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल के चौथे दिन इतिहास रचते हुए दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल को छह विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यह टीम की 67 साल पुरानी रणजी यात्रा का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक क्षण है।
बंगाल ने पहले खेलते हुए 126 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, जम्मू-कश्मीर ने केवल 34.4 ओवर में चार विकेट खोकर यह लक्ष्य पूरा कर लिया। वंशज शर्मा ने नाबाद 43 और अब्दुल समद ने नाबाद 30 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई।
इस मैच में तेज गेंदबाज आकिब नबी ने बंगाल के खिलाफ नौ विकेट लेकर अपनी टीम की जीत की राह आसान कर दी। नबी के शानदार प्रदर्शन और आईपीएल स्टार अब्दुल समद की बेखौफ बल्लेबाजी ने साबित किया कि जम्मू-कश्मीर अब सिर्फ एक कदम दूर है खिताब तक पहुँचने के।
अंतिम छक्का वंशज शर्मा ने मुकेश कुमार की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर से लगाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई, और जम्मू-कश्मीर में जश्न का माहौल छा गया।

जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी में 1959-60 में हिस्सा लिया था, लेकिन दशकों तक इसे मजबूत दावेदार नहीं माना जाता था। 334 मैचों में केवल 45 जीतें दर्ज कर पाई थी और पहली जीत पाने में 44 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा।
2013-14 में टीम ने नेट रन रेट के आधार पर क्वार्टर फाइनल का टिकट जीता, जबकि 2015-16 में मुंबई को परवेज़ रसूल की कप्तानी में वानखेड़े स्टेडियम में हराकर अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इस बार कोच अजय शर्मा और कप्तान पारस डोगरा के नेतृत्व में टीम ने अपनी क्षमता को स्थिरता में बदला।
शुरुआती हार के बाद राजस्थान, दिल्ली और हैदराबाद के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
जम्मू-कश्मीर की टीम में कोई अंतरराष्ट्रीय स्टार नहीं था, जबकि बंगाल टीम में मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार, शाहबाज अहमद और भारत ए के अभिमन्यु ईश्वरन जैसे खिलाड़ी शामिल थे। घरेलू मैदान का फायदा भी बंगाल के पक्ष में था, लेकिन जम्मू-कश्मीर ने इसे चुनौती बनाकर जीत दर्ज की।
तीसरे दिन 43/2 पर टीम थी, लेकिन चौथे दिन वंशज शर्मा और समद की 55 रनों की अटूट साझेदारी ने बंगाल के गेंदबाजों को मात दी। बंगाल की दूसरी पारी मात्र 99 रन पर समाप्त हो गई, जिससे टीम की जीत की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी आकिब नबी ने कहा, “पिछली बार हम क्वार्टर फाइनल में हार गए थे, लेकिन इस बार हमने कड़ी मेहनत की और यह जीत हमारी मेहनत का फल है।”



