परिवार नहीं, फोकस है प्राथमिकता: बीसीसीआई का टी20 वर्ल्ड कप नियम
टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए बीसीसीआई ने कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड ने तय किया है कि खिलाड़ियों के परिवार टी20 वर्ल्ड कप अभियान के दौरान उनके साथ नहीं रहेंगे।
बीसीसीआई की नियमावली के अनुसार, 45 दिनों से अधिक लंबी सीरीज या टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के परिवार 14 दिन तक उनके साथ रह सकते हैं, जबकि छोटी यात्राओं के लिए यह अवधि सिर्फ सात दिन है।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट ने परिवारों को साथ ले जाने की अनुमति देने के लिए बोर्ड से चर्चा की थी, लेकिन बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया कि यह संभव नहीं है। हालांकि, अगर खिलाड़ी चाहें तो परिवार के लिए अलग से व्यवस्था कर सकते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत लीग फेज के तीन मैच घर पर और एक मैच कोलंबो में खेलेगा, जो पाकिस्तान के खिलाफ होगा। यह निर्णय जनवरी में फिर से लागू किया गया था, पहले इसे कोविड-19 महामारी के दौरान रोका गया था।

बीसीसीआई अधिकारियों का मानना है कि विदेशी मैचों के दौरान परिवारों के साथ रहने से खिलाड़ियों का ध्यान भटक सकता है और यह उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। बोर्ड ने यह भी नियम बनाया है कि सभी खिलाड़ियों को हर समय टीम के साथ ही यात्रा करनी होगी।
इस पृष्ठभूमि में भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ जीत से की और अब गुरुवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया से भिड़ेगी। इसके बाद 15 फरवरी को कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला होगा।
इस कड़े कदम का संबंध भारत के पिछले टेस्ट प्रदर्शन से भी जोड़ा जा रहा है। भारत ने 2024 में न्यूजीलैंड से 0-3 की हार का सामना किया और फिर ऑस्ट्रेलिया में 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-3 से हार गई थी।



