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केसीएल : रोमांचक फाइनल में रोहतक रॉयल्स ने भिवानी बुल्स को पछाड़ा

कबड्डी चैंपियंस लीग सीजन 1 की ट्रॉफी पर किया कब्ज़ा

सोनीपत, हरियाणा: रोमांचक मुकाबले में रोहतक शहर का प्रतिनिधित्व करने वाली, एड्रॉइट स्पोर्ट्स एलएलपी की स्वामित्व वाली कबड्डी फ्रेंचाइज़ी रोहतक रॉयल्स ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, सोनीपत में खेले गए उद्घाटन कबड्डी चैंपियंस लीग के फाइनल में भिवानी बुल्स को 32–30 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

मुख्यकोच सुरेंदर नाडा के सक्षम नेतृत्व में, जो उनके कोचिंग करियर का पहला असाइनमेंट था, रॉयल्स ने पूरे टूर्नामेंट में जुझारूपन, अनुशासन और फुर्ती का शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।फाइनल मुकाबले में राकेश सिंगरोहा आठ अंकों के साथ रोहतक रॉयल्स के शीर्षस्कोरर रहे।

उन्हें मिलान दहिया का बेहतरीन साथ मिला, जिन्होंने पांच अंक जोड़े, जबकि विजय मलिक, संदीप देसवाल और आर्यन ने तीन-तीन अंकों का योगदान दिया। कम स्कोर वाले लेकिन बेहद रोमांचक इस फाइनल में रॉयल्स के सामूहिक प्रदर्शन ने उन्हें प्रतिष्ठित खिताब के साथ ₹51 लाख की इनामी राशि दिलाई।

रोहतक रॉयल्स और भिवानी बुल्स के बीच खेले गए इस फाइनल मुकाबले की शुरुआत तेज़ रही, जिसमें रॉयल्स ने तीसरे मिनट तक 4–2 की बढ़त बना ली। विजय मलिक, राकेश सिंगरोहा और मिलान दहिया ने टच पॉइंट्स हासिल किए, जबकि रॉयल्स के डिफेंस ने भिवानी के देवांक को रोकते हुए एक शानदार डिफेंसिव पॉइंट हासिल किया।

शुरुआती मिनटों में दबदबा बनाए रखते हुए रॉयल्स ने पांचवें मिनट में मैच का पहला ऑल-आउट किया और स्कोर 9–3 कर लिया। इसके बाद भी रोहतक ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और उनके डिफेंडर्स ने लीग के टॉप स्कोरिंग रेडर्स में शामिल देवांक को लगातार दो बार मैट पर पिन किया।

हालांकि, सौरव के नेतृत्व में भिवानी ने वापसी की कोशिश की और 10वें मिनट तक स्कोर 10–7 कर दिया, जो अब भी रोहतक के पक्ष में था। भिवानी ने दबाव बढ़ाते हुए अंतर को एक अंक तक कम कर दिया और रोहतक को ऑल-आउट के कगार पर ला दिया।

ऐसे अहम मौके पर राकेश सिंगरोहा ने मैच का पहला सुपर रेड करते हुए टीम को राहत दिलाई और 13वें मिनट में स्कोर 15–11 कर चार अंकों की बढ़त दिलाई।

इसके दो मिनट बाद रॉयल्स की एक अनावश्यक गलती के चलते उन्हें मैच का पहला ऑल-आउट झेलना पड़ा, जिससे भिवानी ने स्कोर 16–16 से बराबर कर लिया।

इसके बाद मुकाबला और कड़ा हो गया, जहां दोनों टीमों ने संभलकर खेलते हुए अंक बटोरे। रणनीतिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करते हुए रोहतक रॉयल्स ने हाफ-टाइम तक 20–16 की बढ़त बनाए रखी, जिसमें राकेश सिंगरोहा सात अंकों के साथ शीर्ष स्कोरर रहे।

दूसरे हाफ की शुरुआत बेहद तेज़ रही, जहां भिवानी बुल्स ने लगातार अंक हासिल करते हुए 25वें मिनट तक स्कोर 21–21 से बराबर कर लिया। कुछ अनावश्यक गलतियों के कारण दूसरे हाफ के मध्य तक रोहतक 23–24 से पीछे हो गया। हालांकि, रॉयल्स ने संयम और जुझारूपन दिखाया।

इसके एक मिनट बाद ही संदीप देसवाल, मिलान दहिया और गौरव की डिफेंसिव तिकड़ी ने देवांक को सुपर टैकल के जरिए मैट पर पिन किया, जिससे रॉयल्स को दो बेहद अहम अंक मिले और मैच का रुख एक बार फिर उनके पक्ष में मुड़ गया।

इसके बाद मुकाबला रोमांचक और बराबरी का हो गया, जिसमें दोनों टीमें उद्घाटन कबड्डी चैंपियंस लीग ट्रॉफी जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकती दिखीं। अंतिम मिनटों में बढ़ते दबाव के बीच रोहतक रॉयल्स ने अपनी चैंपियन मानसिकता का परिचय दिया।

अहम समय पर स्कोर में पीछे होने के बावजूद टीम ने अनुशासित डिफेंस और सटीक रेड्स के दम पर जोरदार वापसी की। सामूहिक प्रयास रंग लाया और रोहतक रॉयल्स ने भिवानी बुल्स को 32–30 से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। यह ऐतिहासिक जीत पूरे टूर्नामेंट में रॉयल्स के संघर्ष, रणनीतिक अनुशासन और जुझारू खेल का प्रतीक रही।

ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्य कोच सुरेंदर नाडा ने टीम के जज़्बे और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा,यह खिताब रोहतक रॉयल्स से जुड़े हर व्यक्ति के लिए बेहद खास है। खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त विश्वास, अनुशासन और जीत की भूख दिखाई। फाइनल के दबाव भरे क्षणों में भी टीम शांत रही और योजनाओं को बेहतरीन तरीके से लागू किया। यह चैंपियनशिप दिन-प्रतिदिन की गई कड़ी मेहनत का इनाम है।”

कप्तान संदीप नरवाल ने यह खिताब टीम और समर्थकों को समर्पित करते हुए कहा,“मुझे इस टीम पर बेहद गर्व है। हर खिलाड़ी ने अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई, खासकर इतने दबाव वाले फाइनल में। उद्घाटन कबड्डी चैंपियंस लीग जीतना हमारे लिए खास है और हमें उम्मीद है कि यह रोहतक रॉयल्स की कई और सफलताओं की शुरुआत होगी।”

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