वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
खेलों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए पीएम मोदी ने 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोपहर 12 बजे किया।

बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देशभर के विभिन्न राज्यों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाली 58 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें 1,000 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं।
उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने मंच से आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन या समय व्यतीत करने का साधन नहीं हैं, बल्कि यह जीवन के सर्वांगीण विकास और मानसिक समृद्धि का प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने देश के विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। यह उद्घाटन समारोह नव-निर्मित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, वाराणसी में आयोजित किया गया। यह अत्याधुनिक स्टेडियम हाल ही में बनकर तैयार हुआ है और खेल अवसंरचना को सशक्त करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
4 जनवरी से शुरू होकर 11 जनवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय वॉलीबॉल की प्रतिस्पर्धात्मक भावना, खेल कौशल और प्रतिभा के उच्च मानकों के प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

आयोजन से आनलाइन जुड़े पीएम मोदी ने हर-हर महादेव उद्घोष से काशीवासियों व देश भर से आए खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। कहा, आज काशी के सांसद के नाते आप सभी खिलाड़ियों का स्वागत व अभिनंदन करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।
आज से काशी में नेशनल वालीबाल चैंपियनशिप का शुभारंभ हो रहा है। आप सभी बड़ी मेहनत से नेशनल टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं। काशी के मैदान पर उसकी परीक्षा होगी।

बताया गया है कि 28 राज्यों की टीमें आई हैं। आप सब एक भारत श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। चैपिंयनशिप में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों को शुभकामना दे रहा हूं।
कहा गया है कि बनारस जानल चाहत हउवा तक बनारस आवे के पड़ी। हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है। यहां कुश्ती, मौका दौड़ समेत कई बड़े खेल बनारस में कई खेलों के नेशनल खिलाड़ी हैं।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, यूपी कालेज, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र राष्ट्र स्तर पर छाए हुए हैं। काशी विज्ञान व कला की साधना के लिए जानी जाती है।
विश्वास है चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश हाई रहेगा। आपको काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर मिलेगा। वालीबाल साधारण स्पोर्ट नहीं है। यह संतुलन का खेल है। सहयोग का खेल है। इस खेल में संकल्प शक्ति दिखती है।

यानी बाल को हर कीमत उपर ही उठाना है। वालीबाल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ती है। हर खिलाड़ी का मंत्र होता है कि हर कोई भले अलग अलग विधा का जानकार हो लेकिन सभी टीम के लिए खेलते हैं। वालीबाल हमें सिखाती है कि कोई भी जीत अकेली नहीं होती।
हमारी जीत कोआर्डिनेशन, हमारे विश्वास पर होती है। हर किसी की अपनी जिम्मेदारी होती है। हम तभी सफल होते हैं जब हर कोई अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता है। हमारा देश भी इसी तरह आगे बढ़ रहा है।
एक समय था जब खेल को लेकर सरकार व समाज दोनो में ही उदासीनता का भाव था। खिलाड़ियों में भी असमंजस था। अब स्पोर्टस को लेकर सरकार व समाज दोनो में बदलाव दिखता है।

इसे करियर के तौर पर अपनाया जा रहा। बजट बढ़ा दिया गया है। अब पारदर्शी चयन के साथ खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है। आज देश रिफार्म एक्सप्रेस पर सवार है। स्पोर्ट सेक्टर में भी सरकार ने बड़े रिफार्म किए हैं।
बनारस में इस समय अच्छी ठंड पड़ती है। इस मौसम में एक से बढ़ कर एक खाने की चीजें भी मिलती है। समय मिले तो मलइयो का भी आनंद उठाइगा। बाबा विश्वनाथ का दर्शन। गंगा स्नान, यह सब अनुभव लेकर भी जाइएगा।
वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर की बदलती पहचान को भी दर्शाता है। यह आयोजन न केवल खेलों के विकास को बढ़ावा देता है, बल्कि वाराणसी को प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
सांस्कृतिक राजधानी के साथ-साथ अब काशी खेल गतिविधियों की मेजबानी में भी अपनी सशक्त भूमिका निभा रही है। एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की थी।
उन्होंने बताया था कि सरकार हर स्तर पर खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में काशी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रतियोगिता में 58 टीमें हिस्सा लेंगी और यह टूर्नामेंट 11 जनवरी तक चलेगा।
इस चैंपियनशिप का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमें आगामी ‘फेडरेशन कप’ के लिए क्वालीफाई करेंगी। पुरुष वर्ग में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीमें और महिला वर्ग में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीमें फेडरेशन कप के लिए पात्र होंगी।
वॉलीबॉल इंडिया फेडरेशन के सचिव जनरल रामानंद चौधरी ने जानकारी दी कि टूर्नामेंट नवीनतम वीआईएफ नियमों के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। मैच समय पर रिपोर्ट न करने वाली टीम पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर स्थिति में टीम को टूर्नामेंट से बाहर भी किया जा सकता है।
अंकों के वितरण प्रणाली के तहत 3-0 या 3-1 से जीत दर्ज करने वाली टीम को 3 अंक दिए जाएंगे, जबकि 3-2 की करीबी जीत पर 2 अंक मिलेंगे। सभी मुकाबलों में स्पार्टन कंपनी की गेंदों और मानक नेट का उपयोग किया जाएगा।



