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ऑपरेशन फायर ट्रेल ने चीनी तस्करों को सिखाई सबक

राघवेंद्र प्रताप सिंह: भारत में चीनी पटाखों और आतिशबाजी की तस्करी पर एक बड़ी कार्रवाई में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने “ऑपरेशन फायर ट्रेल” नामक एक अभियान में न्हावा शेवा बन्दरगाह, मुंद्रा बंदरगाह और कांडला एसईजेड के लिए निर्धारित या वहां पड़े सात कंटेनरों में छिपाए गए 35 करोड़ रुपये मूल्य के चीनी पटाखों/आतिशबाजी की भारी मात्रा का सफलतापूर्वक पता लगाया, उसे रोका और जब्त किया।

100 मीट्रिक टन वजन के इन चीनी पटाखों को एक केएएसईजैड (कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र) इकाई और कुछ आईईसी (आयात-निर्यात संहिता) धारकों के नाम पर अवैध रूप से आयात किया गया था, जिसमें उन्हें “मिनी सजावटी पौधे”, “कृत्रिम फूल” और “प्लास्टिक मैट” जैसी वस्तुओं के रूप में गलत तरीके से घोषित किया गया था।

विदेशी व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ है और इसके लिए विस्फोटक नियम 2008 के तहत डीजीएफटी (विदेश व्यापार महानिदेशालय) और पीईएसओ (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से लाइसेंस की आवश्यकता होती है। पटाखे और आतिशबाजी हानिकारक होते हैं क्योंकि उनमें लाल सीसा, कॉपर ऑक्साइड, लिथियम आदि जैसे प्रतिबंधित रसायन होते हैं। अपनी अत्यधिक ज्वलनशील प्रकृति के कारण पटाखे सार्वजनिक सुरक्षा, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और व्यापक रसद आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करते हैं।

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