एफएमसीजी सेक्टर का सबसे बड़ा मर्जर: यूनिलीवर और मैककॉर्मिक के 65 अरब डॉलर के विलय के बाद कर्मचारियों को मिली 2 साल की जॉब सिक्योरिटी

इंडियन व्यू टीम/ लंदन / नई दिल्ली: वैश्विक फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) उद्योग में इतिहास का सबसे बड़ा कॉरपोरेट विलय (Merger) आखिरकार परवान चढ़ गया है। बहुराष्ट्रीय कंज्यूमर गुड्स कंपनी ‘यूनिलीवर’ (Unilever) और अमेरिका की दिग्गज मसाला व फ्लेवर निर्माता कंपनी ‘मैककॉर्मिक एंड कंपनी’ (McCormick & Company) के बीच 65 अरब डॉलर के मेगा-विलय को नियामकीय मंजूरियां मिल गई हैं। इस सौदे के साथ ही खाद्य और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के बाजार में एक विशालकाय वैश्विक कंपनी का जन्म हुआ है।
विलय के बाद कर्मचारियों और यूनियनों के बीच बनी अनिश्चितता और नौकरी जाने के डर को समाप्त करते हुए यूनिलीवर प्रबंधन ने एक बेहद अहम और ऐतिहासिक घोषणा की है। कंपनी ने यूरोप और यूके में कार्यरत अपने सभी मौजूदा कर्मचारियों के लिए अगले दो वर्षों (2028 तक) के लिए शत-प्रतिशत ‘जॉब सिक्योरिटी’ (Job Security Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मतलब है कि इस बड़े मर्जर के बावजूद अगले दो सालों तक किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं की जाएगी।
लंदन में मीडिया से बातचीत करते हुए यूनिलीवर के वैश्विक प्रमुख ने कहा कि मैककॉर्मिक का साथ आने से कंपनी का पोर्टफोलियो काफी मजबूत हुआ है। दो साल की जॉब गारंटी देने का उद्देश्य एकीकरण (Integration) की प्रक्रिया को सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करना है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस मर्जर से भारत सहित एशियाई और यूरोपीय बाजारों में पैकेज्ड फूड, सॉस और मसालों की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।



