ऑटो सेक्टर में मंदी का बड़ा झटका: लक्जरी कार निर्माता BMW करेगी 8,000 नौकरियों की कटौती, VRS योजना का ऐलान

पल्लवी श्रीवास्तव/ म्यूनिख / नई दिल्ली: वैश्विक मंदी, यूरोपीय बाजारों में घटती मांग और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में चीनी कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच जर्मनी की दिग्गज प्रीमियम कार निर्माता कंपनी ‘बीएमडब्ल्यू’ (BMW) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। कंपनी प्रबंधन ने म्यूनिख मुख्यालय से आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि वे वर्ष 2027 के अंत तक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) और पुनर्गठन के जरिए अपने वैश्विक कार्यबल से 8,000 नौकरियों की कटौती करेंगे।
कंपनी द्वारा जारी वित्तीय रिपोर्ट में बताया गया है कि हालिया तिमाहियों में उत्पादन लागत में बढ़ोतरी, वैश्विक सप्लाई चेन के संकट और नए टैरिफ नियमों के कारण कंपनी के परिचालन लाभ (Operating Profit) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल इंजनों से इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक में ट्रांसफर होने की प्रक्रिया के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता है, जिसके लिए लागत नियंत्रण (Cost Cutting) करना कंपनी के लिए अनिवार्य हो गया था।
बीएमडब्ल्यू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि छंटनी की प्रक्रिया अचानक या जबर्दस्ती नहीं की जाएगी, बल्कि कर्मचारियों को आकर्षक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज (VRS Package) और शुरुआती रिटायरमेंट के विकल्प दिए जाएंगे। हालांकि, जर्मन ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस तरह की बड़ी कटौती से पूरे यूरोप के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में डर का माहौल बन गया है, जिसका असर वैश्विक ऑटोमोबाइल शेयर बाजार पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।



