उत्तराखंड में होटलों, रेस्टोरेंट और धर्मशालाओं में स्थापित होंगे आयुष स्वास्थ्य केंद्र

देहरादून ( इंडियन व्यू टीम) : उत्तराखंड में काफी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाएं है. ऐसे में अब सरकार इनमें आयुष स्वास्थ्य केंद्र खोलने पर जोर दे रही है. ताकि, अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी इसका बेहतर लाभ मिल सके. इसको लेकर आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा में विभागीय अधिकारियों और क्वालिटी काॅउसिंल ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ आयुष विभाग की समीक्षा की. बैठक में तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा किया गया।
आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड में 3 सरकारी आयुष अस्पताल और 20 गैर सरकारी अस्पताल हैं. जो कि आयुष और आयुर्वेद के शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान हैं. इसके साथ ही 552 सरकारी आयुष क्लीनिक एवं वेलनेस सेंटर और 1,511 गैर सरकारी आयुष क्लीनिक एवं वेलनेस सेंटर हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी आयुष अस्पतालों में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय हर्रावाला, ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज (पीजी) हरिद्वार और गुरूकुल आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज हरिद्वार भी शामिल हैं।
आयुष मंत्री कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड में 148 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिसको लेकर क्यूसीआई (क्वालिटी काॅउसिंल ऑफ इंडिया) के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई कि किस तरह से इन सभी आयुष सेंटरों को विकसित कर बेहतर सुविधा प्रदान करने वाला हब बनाया जाए. प्रदेश के आयुष डाॅक्टरों एवं पंचकर्म तकनीशियन को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आयुष संस्थानों में उच्च गुणवत्ता मानकों की स्थापना और उत्तराखंड को आयुर्वेद एवं योग के क्षेत्र में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाए।
उत्तराखंड में 46 पंचकर्म सेंटर भी स्थापित हैं, जिसको लेकर भी क्यूसीआई के अधिकारियों से गुणवत्ता स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई. उत्तराखंड को आयुष के क्षेत्र में विशेष गुणवत्ता वाला प्रदेश बनाने के लिए अधिकारियों से विचार-विमर्श किया गया है. उन्होंने प्रदेशभर के होटलों, रेस्टोरेंटों और धर्मशालाओं में आयुष स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के साथ ही उत्तराखंड को आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाए जाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार से समन्वय स्थापित करने संबंधी निर्देश दिए।



