रेलवन ऐप के 4.55 करोड़ डाउनलोड, रेलवे की डिजिटल सेवाओं को मिला बड़ा समर्थन

नई दिल्ली ( इंडियन व्यू टीम) : भारतीय रेलवे का रेलवन (RailOne) ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब तक इस ऐप को 4.55 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसके माध्यम से प्रतिदिन औसतन 9.65 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं। वहीं, रेलवे ने टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी रोकने के लिए जनवरी 2024 से अब तक 6.68 करोड़ से अधिक संदिग्ध यूजर खाते निष्क्रिय किए हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में यह जानकारी दी।
रेलवन ऐप की बढ़ती लोकप्रियता
रेलवे ने बताया कि 1 जुलाई 2025 को शुरू किए गए रेलवन ऐप पर प्रतिदिन औसतन 2.75 लाख आरक्षित और 6.89 लाख अनारक्षित टिकट बुक किए जा रहे हैं। यह ऐप आरक्षित और अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, पीएनआर जांच, ट्रेन पूछताछ और रेलमदद जैसी सभी यात्री सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग का बढ़ा दायरा
जून 2025 से जून 2026 के बीच कुल 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक हुए। इनमें 57.90 करोड़ यानी 89% टिकट ऑनलाइन जबकि 7.18 करोड़ यानी 11% टिकट काउंटर से बुक किए गए। इससे रेलवे की डिजिटल सेवाओं के प्रति यात्रियों का बढ़ता भरोसा दिखाई देता है।
धोखाधड़ी रोकने के लिए कड़े कदम
रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कई साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। जनवरी 2024 से 30 जून 2026 तक 6.68 करोड़ से अधिक संदिग्ध यूजर खाते निष्क्रिय किए गए, जबकि 6.22 करोड़ से अधिक खातों को पुनः सत्यापन के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया गया। संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल डोमेन और आईपी एड्रेस के आधार पर इन खातों की पहचान की गई।
तत्काल टिकट के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य
रेलवे ने ऑनलाइन तत्काल टिकट और अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) के टिकट बुक करने के लिए केवल आधार सत्यापित उपयोगकर्ताओं को अनुमति दी है। चुनिंदा ट्रेनों में आधार आधारित ओटीपी सत्यापन भी लागू किया गया है, जिससे फर्जी खातों और स्वचालित बुकिंग पर रोक लगी है।
साइबर सुरक्षा और एंटी-बॉट तकनीक
रेलवे ने कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN), एंटी-बॉट तकनीक, वेब एप्लिकेशन फायरवॉल, डीडीओएस सुरक्षा, सुरक्षित डीएनएस और अन्य आधुनिक साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। पिछले छह महीनों में औसतन 57.74% फर्जी बॉट ट्रैफिक को रोका गया, जिससे वास्तविक यात्रियों को बेहतर सेवा मिल रही है।
‘रेलमदद’ से शिकायतों का त्वरित निस्तारण
‘रेलमदद’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से वित्त वर्ष 2025-26 में 6,94,368 मामलों में सहायता प्रदान की गई। इनमें 89.49% मामलों में यात्रियों ने उत्कृष्ट या संतोषजनक फीडबैक दिया। पिछले तीन वर्षों में शिकायत निस्तारण की दर लगभग 99.98% रही है।
दलालों और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वर्ष 2021 से जून 2026 तक 22,676 दलालों को गिरफ्तार किया। वहीं, वर्ष 2025-26 और 2026-27 (30 जून 2026 तक) के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर संदिग्ध टिकट बुकिंग की 530 शिकायतें दर्ज हुईं तथा 13,343 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए।



