एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बड़ी राहत: नया ‘राइट टू बिजनेस बिल’ ड्राफ्ट तैयार, शुरुआती 3 साल तक किसी भी तरह के विभागीय निरीक्षण (Inspection) से मिलेगी पूरी छूट

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: देश के आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और नए स्टार्टअप्स के लिए केंद्र सरकार एक बेहद क्रांतिकारी कानून लाने जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ‘राइट टू बिजनेस बिल’ (Right to Business Bill) का बहुप्रतीक्षित ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस प्रस्तावित कानून का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि अब नए उद्योगपतियों को शुरुआती तीन वर्षों तक किसी भी तरह के सरकारी और विभागीय निरीक्षण (Inspections) से पूर्ण छूट दी जाएगी।
‘इंस्पेक्टर राज’ का होगा अंत
भारत में व्यवसाय शुरू करने वाले छोटे उद्यमियों की सबसे बड़ी शिकायत ‘इंस्पेक्टर राज’ को लेकर रही है। एक नया कारखाना या उद्यम स्थापित करने के तुरंत बाद पर्यावरण विभाग, श्रम विभाग, फायर सेफ्टी, और स्थानीय नगर निगम के इंस्पेक्टरों की चेकिंग का अंतहीन सिलसिला शुरू हो जाता था, जिससे भ्रष्टाचार पनपता था और उद्यमी हतोत्साहित होते थे। नए ‘राइट टू बिजनेस’ बिल के तहत पहले तीन वर्षों (1,095 दिनों) तक राज्य या केंद्र का कोई भी अधिकारी बिना किसी गंभीर शिकायत और कोर्ट के आदेश के फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण नहीं कर सकेगा।
सेल्फ-सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) पर भरोसा
सरकार ने अब निरीक्षण की जगह ‘स्व-प्रमाणन’ (Self-Certification) की प्रणाली पर भरोसा जताने का फैसला किया है। उद्यमी को केवल एक ऑनलाइन पोर्टल पर यह हलफनामा देना होगा कि उसका उद्यम सभी सुरक्षा, श्रम और पर्यावरणीय मानकों का पालन कर रहा है। तीन साल पूरे होने के बाद ही विभागों द्वारा नियमित ऑडिट शुरू किया जाएगा। इस कदम से न केवल उद्यमियों का कीमती समय बचेगा, बल्कि वे अपना पूरा ध्यान उत्पादन बढ़ाने और बाजार में अपने ब्रांड को स्थापित करने में लगा सकेंगे।
‘मेक इन इंडिया’ और रोजगार को मिलेगा भारी बूस्ट
इंडियन व्यू टीम के आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बिल ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) अभियान के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। भारत में एमएसएमई सेक्टर कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करता है। शुरुआती तीन वर्षों की ‘हनीमून पीरियड’ छूट मिलने से लाखों युवा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे देश में बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक हल होगी। सरकार इस ड्राफ्ट बिल को जल्द ही सार्वजनिक डोमेन में हितधारकों की राय के लिए रखने जा रही है, जिसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।



